फ़ाइल फ़ोटो
(गगन शर्मा) हरिद्वार। हरिद्वार के राशन डीलरों ने उड़द, मसूर आदि दालो के नए मूल्य में भारी असुविधा होने की बात रखी है। उनका कहना है कि सरकार के पास उच्च शिक्षा प्राप्त सचिव और अन्य अधिकारी है उनको दालों के मूल्य निर्धारित करते समय राशन डीलरों की परेशानियों को भी ध्यान मे रखना चाहिए। अक्सर राशन डीलर के सामने ग्राहक खुल्ले पैसे को लेकर विवाद पैदा करते देखे जाते हैं। यदि खुल्ले पैसे की समस्या के समाधान हेतु डीलर माचिस, बिस्कुट आदि समान देना चाहे तो ग्राहक बजाय डीलर की समस्या समझने के उल्टा उनसे लड़ने और सूचना आदि मांगने की धमकी देकर परेशान ही करता है। यही ही नही अक्सर राशन डीलर को देखा गया है कि वो अपनी दुकान का खर्च, दुकान का किराये, राशन (चीनी, दाल, चावल) आदि खर्च मिलाकर हानि उठाते भी देखा जाता हैं। कई बार ग्राहक को बाजार में वही दाल सस्ते गल्ले से सस्ती मिल जाती है। ऐसे में डीलर के पास दाल पड़ी पड़ी खराब भी होती देखी गयी है। जिसके लिय जिला प्रशासन या राज्य सरकार को ध्यान देने की सख्त जरुरत है। राशन डीलर दिनेश कुमार ने बताया कि अप्रैल 2020 से लेकर नवंबर तक उन्हें राशन का ढुलान कमीशन भी नही मिल पाया है। उन्होंने कहा कि यदि राशन डीलर के साथ प्रशासन और राज्य सरकार ऐसा व्यवहार करती रही तो वो दिन दूर नही जब सभी राशन डीलर राशन नही उठाएंगे।



Post A Comment:
0 comments so far,add yours