हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। भेल श्रमिक संघर्ष यूनियन ने केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक उपक्रमों के किये जा रहे निजीकरण श्रम कानूनों में श्रमिक विरोधी संशोधन एवं श्रमिकों की अन्य घोषित मांगों को लेकर केंद्रीय श्रम संगठनों, फैडरेशनो, एसोसिएशन्स एवं क्षेत्रीय फैडरेशन के द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर रविवार को आहूत भारत बचाओ दिवस को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए बीएचईएल हरिद्वार क्षेत्र में भेल बचाओ ट्रेड यूनियन्स संघर्ष मोर्चा द्वारा किये जा रहे विरोध प्रदर्शन के कार्यक्रम के अन्तर्गत सीटू कार्यालय पर समर्थन स्वरूप सहभागिता दर्ज की। प्रदर्शन के दौरान संगठन के महामंत्री प्रशांत दीप गुप्ता ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार की मज़दूर विरोधी नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों ने शासक वर्ग द्वारा कथित रूप से सार्वजनिक उद्यमों के प्रतिष्ठानों जैसे रक्षा, कोयला, इस्पात, दूरसंचार, बैंक, बीमा, रेलवे, पेट्रोलियम, एअरपोर्ट और बंदरगाह समेत अन्य महत्वपूर्ण उद्योगों को देशी - विदेशी पूंजीपतियों को सौंपे जाने को लेकर आवाज बुलंद करने का फैसला लिया है, देश के मज़दूरों के सामने आज बिल्कुल विपरीत परिस्थिति है। देश में अंग्रेजों से लड़कर जो कानून मजदूरों के हित में बना था आज उन सभी कानूनों को देश के उद्योगपतियों के हित में मन मर्जी बदला जा रहा है। साथ ही देश के सार्वजानिक उपक्रमों को निज़ीकरण की ओर धकेला जा रहा है, ऐसे में भेल के साथ ही देश के मज़दूरों को भी एक होने की आवश्यकता है आज जब सार्वजनिक उपक्रमों के रूप में देश की संप्रभुता को बेचे जाने की तैयारी की जा रही है तब भेल श्रमिक संघर्ष यूनियन अपने दायित्वों का पालन करते हुए भारत बचाओ दिवस का पूर्ण समर्थन करते हुए आहुत विरोध प्रदर्शन में के सहभागिता स्वरुप समर्थन किया गया। जिस कड़ी में रविवार को सीटू कार्यालय में आहुत भारत बचाओ दिवस आयोज़न के अंतर्गत किये गए विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से यूनियन के अध्यक्ष जसविंदर सिंह सहित विवेक सक्सेना,नितिन सिंघल, मुनेश उपाध्याय, मनोज धीमान,दीपक प्रजापति ,शिव बक्शी, शेखर धीमान आदि उपस्थित रहे।



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