हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। कार्य क्षेत्र मे कुशलता का अपना महत्व है। उसी प्रकार जीवन यापन में भी कुशलता की आवश्यकता पडती है। बिना कुशलता के जीवन महत्वहीन बना रहता है। इस कुशलता को पाने के लिए परिश्रम के साथ लिया गया अनुभव, बौद्विकता एवं समय पर लिया गया निर्णय अर्थात कर्म की कुशलता के साथ एक आदर्श मि़त्र की भी जरूरत पडती है। आदर्श मित्र जीवन में एक प्रेरक का कार्य करता है। जिस प्रकार किसी वस्तु को तैयार करने के लिए सभी जरूरी सामान उपलब्ध होने पर भी प्रेरणा की अनुपस्थिति मे कार्य सम्पन्न नही होता है। उसी प्रकार जीवनरूपी विशाल एवं जटिल व्यवस्था के संचालन के लिए मित्र का होना आवश्यक है। आदर्श मित्र से अभिप्राय प्रेरक, गुणवान, श्रमशील, विद्वान, भावनाओं का अडिगता से पालन करने वाला होना दृढ निर्णयी, विषम स्थिति मे सहारा बनकर साथ देने वाला आदि गुणों से रचा-बसा होना चाहिए। आदर्श मित्र जीवन साथी पुुरूष महिला कोई भी हो सकता है। इसलिए जीवन को गतिमान रखने के लिए एक आदर्श मित्र की खोज भी जारी रखनी चाहिए। आओ मित्रता दिवस के पावन दिवस पर आदर्श गुणों से जीवन को अभिसिंचित करते हुए दूसरो के जीवन के लिए आदर्शता को अपनाने का संकल्प ले। यही मित्रता दिवस की सार्थकता होगी।



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