हरिद्वार की गूंज (24*7)

(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ताओ ने भीमगोड़ा पंतदीप के समीप स्तिथ शहीदी पार्क पर एकत्रित होकर क्रांतिकारी राजगुरु के जन्मदिवस के अवसर पर पार्क में स्तिथ राजगुरु, भगतसिंह, सुखबीर, की प्रतिमाओ पर मालायर्पन कर राजगुरु को श्रद्धांजलि देकर उनका 112 वां जन्मदिन मनाया। जिसमें सभी ने क्रांतिकारी राजगुरु के पद चिन्हो पर चलने का और उनको सदैव याद रखने का सकल्प लिया। शहर कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष नितिन यादव ने कहा कि देश के लिए भरी जवानी में फाँसी को गले लगाने वाले राजगुरु को कभी नही भुलाया जा सकता। राजगुरु का पूरा नाम शिवराम हरि राजगुरु था। इनका जन्म आज के दिन 24 अगस्त 1908 में पुणे जिले के खेड़ा गाँव में हुआ था। राजगुरु के जन्म लेने से भारत की धरती धन्य हो गई। आज के समय में हमारा देश जो आजाद है वो क्रांतिकारी शहीद राजगुरु की बदोलत है। उन्होंने कहा कि राजगुरु ने देश की आजादी के लिए कई क्रान्तिकारी गतिविधियो को अन्जाम दिया। जिसमें काकोरी काड, साण्डर की हत्या मुख्य थी। राजगुरु के बलिदान का भारत का प्रत्येक नागरिक सदैव कर्जदार रहेगा। वह देश के असली हीरो थे। नितिन यादव ने कहा कि भारत की धरती धन्य है जहां राजगुरु जैसे क्रांतिकारी पैदा हुए। राजगुरु का सम्पर्क अनेक क्रान्तिकारियो से हुआ। चन्द्रशेखर आजाद से इतने अधिक प्रभावित हुए कि उनकी पार्टी हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी से तत्काल जुड़ गये। और चन्द्रशेखर आजाद, सरदार भगतसिंह और यतीन्द्रनाथ दास आदि क्रांतिकारी इनके अभिन्न मित्र थे। सेवादल शहर उपाध्यक्ष तरुण सैनी और दीप बीस्ट  ने कहा कि राजगूरु एक अच्छे निशानेबाज भी थे। 23 मार्च 1931 को इन्होने भगतसिंह तथा सुखदेव के साथ लाहौर सेंट्रल जेल में फाँसी के तख्ते पर झूलकर अपने नाम को हिंदुस्तान के अमर शहीदों की सूची में अहमियत के साथ दर्ज करा दिया। सेवादल शहर सचिव पवन शर्मा ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में राजगुरु की शहादत एक महत्वपूर्ण घटना थी। देशवासियों को उनकी शहादत पर गर्व है। इस दौरान सेवादल महामंत्री सुमित मोहन काकू, तरुण सिंधी, शिवम जोशी, अरविन्द चौहान, शिवम् शर्मा आदि कार्यकर्त्ता उपस्तिथ थे।

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