हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। एक ओर जहां सूबे के कद्दावर नेता एवं वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत महकमे को उंचाईयों पर ले जाने का काम कर रहे हैं। वहीं उनके अधिनस्थ कर्मी ड्यूटी के प्रति घोर लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसा ही एक मामला हरिद्वार के राजाजी टाईगर रिजर्व मायापुर पश्चिमी रेंज में देखने को मिला। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मायापुर पश्चिमी रेंज के जंगल में एक मादा हाथी की करीब दो माह पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। हैरानी की बात यह है कि मादा हाथी का कंकाल जंगलों के बीच खुले में पड़ा रहा, लेकिन किसी भी वन कर्मी की नजर इस मादा हाथी पर नहीं पड़ पाई। जबकि विभाग की ओर से हर क्षेत्र की बीट में अधिकारी और कर्मी तैनात किये जाते हैं और वह दिन के साथ ही रात्रि में भी हथियारों के साथ जंगल में गश्त करते हैं। ऐसे में अब सवाल यह उठ रहा है कि या तो मायापुर पश्चिमी रेंज में कोई अधिकारी या कर्मी तैनात नहीं हैं, अगर हैं तो वह अपनी डयूटी मुस्तैदी से नहीं निभा रहे हैं। यही कारण है कि करीब दो माह से मृत पड़े मादा हाथी पर बीट में तैनात कर्मियों की नजर क्यों नहीं पड़ पाई। मृत हाथी की हड्डियां साफ दिखाई दे रही हैं और वह खुले में पड़ा हुआ हैं। हाथी की मौत कैसे और क्यों हुई, यह सवाल भी रह-रहकर उठ रहा हैं। बताया गया है कि जब इस मामले की भनक वन विभाग के अधिकारियों को लगी, तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई और इस घटना की जानकारी उनके द्वारा वन रेंजर को भी दी गई। वह भी मौके पर पहंुचे और मृत हाथी की हालत देखकर दांतों तले अंगूली दबाने को मजबूर हो गये। बाद में मृत हाथी को जमीन में दफना दिया गया। अब इस मामले में सवाल यह भी है कि क्या हाथी को शिकारियों ने मारा, क्या हाथी बीमार था, या उसकी मौत का अन्य कोई भी कारण हो सकता हैं। इसके बाद विभाग के अधिकारियों ने मादा हाथी का पोस्टमार्टम कराकर उसे दफना दिया गया। जहां सरकार द्वारा राजाजी टाईगर रिजर्व में जंगली जानवरों व पेड़-पौधों की सुरक्षा के लिए वन कर्मियों की तैनाती की जाती हैं, वहां ऐसा दृश्य बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण हैं। वहीं जब इस बाबत पर राजाजी नेशनल पार्क के हरिद्वार रेंजर विजय सैनी से बात की तो उन्होंने बताया कि यह मामला दो दिन पहले का है, रेंजर ने बताया कि पूर्व में 2 महीने पहले मादा हाथी की पहाड़ से गिर कर मुत्यु हो गयी थी, उन्होंने बताया कि हमारी पेट्रोलियम टीम जंगल मे गस्त कर थीं, वनविभाग के कर्मी द्वारा देखा गया कि हाथी का शव पड़ा है, उन्होंने तुरंत इसकी सूचना आलाधिकारियों को दी। रेंजर ने बताया कि मौके पर पहुच कर हाथी के शव को अपने कब्जे में लेकर जमीन में दफना दिया गया है।
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