हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। मानव अधिकार संरक्षण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजी० मधुसूदन आर्य ने डॉ रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र लिखकर कहा है, कि कोरोना महामारी के संक्रमण से बचने के लिए लॉकडाउन के चलते स्कूल, कॉलेज बंद हैं। कोरोना वायरस की वजह से एक तरफ जहां बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है तो वहीं दूसरी और एग्जाम भी प्रभावित हुए हैं, देश भर में चल रही कोरोना महामारी के चलते दूर दराज के गाँव में नेटवर्क की दिक्कत होने के कारण परीक्षा देने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
साथ ही दूर दराज के गाँव में बसों का संचालन बंद है तथा छात्रों को आने-जाने में असुविधा होती है। उन्होने पत्र में यह भी अवलोकन किया है कि पिछले एसेसमेंट के आधार पर बच्चों को प्रमोट कराकर तथा फाइनल ईयर के बच्चों को भी इसी तरह से एसेसमेंट करके उनको डिग्री दी जाए। इस समय परीक्षा भी नहीं करवाई जा सकती और उनको डिग्री देना भी जरूरी है क्योंकि उनको आगे की पढ़ाई करनी है या आगे नौकरी करनी है। मधुसूदन आर्य ने यह भी आग्रह किया है कि केंद्र सरकार और यूजीसी छात्रों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए अपने दिशा निर्देशों में संशोधन लाएं और आखिरी सेमेस्टर की परीक्षाएं रद्द कर छात्रों का भविष्य बचाएं। इससे देश भर के लाखों के बच्चों को इस फैसले से राहत मिलेगी क्योंकि अनिश्चितता की वजह से इस सेमेस्टर में बच्चे पढ़ नहीं पाए। इवैल्यूएशन का फार्मूला बनाया जाए और उसी आधार पर बिना परीक्षा के प्रमोट किया जाए या डिग्री दी जाए।
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