हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। यह सिस्टम की नाकामी और विफलता ही है जो काम पर लौटे बाहरी राज्य के एक कर्मचारी को रहने तक की जगह नहीं मिल पा रही है। आलम यह है कि स्वास्थ्य महकमें से लेकर जिला प्रशासन बेसुध होकर चैन की नींद ले रहा है। स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने इसकी जानकारी संबंधित महकमों में दी। लेकिन सिस्टम की हीलाहवाली के चलते बाहरी राज्य से आया कर्मचारी झाड़ियों में सोने को मजबूर है।
दरअसल हुआ यूं कि बिहार से हरिद्वार क्षेत्र के शिवलोक कालोनी के भभुतावाले बाग में 13 जून से राजकुमार आया हुआ है। बताया जा रहा है कि राजकुमार हरिद्वार की किसी कंपनी में काम करता था। देशव्यापी लाॅकडाउन से पहले ही वह अपने गांव बिहार गया हुआ था। अनलाॅक फेज होने के बाद उसे हरिद्वार उक्त कंपनी में काम करने के लिए बुलाया गया। 
                            देखें वीडियो
लेकिन यहां आने पर राजकुमार जिस घर पर किराए में रहता था मकान मालिक ने उसे भगा दिया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने इसकी जानकारी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमें के अधिकारियों को दी। लेकिन जिम्मेदार महकमें से कोई भी सुविधा राजकुमार को उपलब्ध नहीं हो पाई है। सवाल यह है कि बाहरी राज्य से पहुंचे व्यक्ति को क्वारंटीन क्यों नहीं किया गया।
सवाल यह भी है कि उक्त व्यक्ति अपने आप को क्वारंटीन करने के लिए कोई जगह भी नहीं तलाश पा रहा है। जिसके चलते वह आवासीय कालोनियों के पीछे झाड़ियों में रूकने को मजबूर है। यह हाल तब हैं जब प्रदेश सरकार प्रवासियों से लेकर हर व्यक्ति को कोरोनाकाल में सुविधाओं और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी बखूबी निभाने की बात कर रही है। लेकिन हरिद्वार जिला प्रशासन की यह अनदेखी सिस्टम पर लाखों सवाल खड़े कर रही है।
Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours