हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) लक्सर। लक्सर में पंचलेस्वर महादेव मंदिर पर गंगा दशहरे के दिन बहुत बड़े मेले का आयोजन होता है। जिसमें प्रति वर्ष हजारों लोग भगवान शिव के दर्शन करने आते हैं। पंचलेश्वर महादेव मंदिर की कथा बहुत ही पौराणिक है। इस मंदिर कि कथा महाभारत काल से जुड़ी हुई है, कहा जाता है कि हस्तिनापुर का इतिहास मंदिर से कई बार जुड़ा पांडवों की पूर्वज चित्र विचित्र ने इस स्थान पर अपने मन के पाप से मुक्ति पाने के लिए अग्नि में जलकर अपने प्राण त्याग दिये थे। यह भी कहा जाता है कि अज्ञात वास के दौरान पांडव ने अपना कुछ समय यहां गुजारा था। भारत की यह पहली ऐसी जगह है जहां गंगा भी पूरब की ओर से पश्चिम की ओर बहती है। इस मंदिर की इतिहास में बताया जाता है कि इस मंदिर की स्थापना अज्ञातवास के दौरान पांडव ने की थी। इस स्थान को पंचलेश तीर्थस्थान के रूप में जाना जाता है। इस बार देश में फैली इस कोरोना जैसी महामारी के चलते जस्सी घाट का मार्केट पर हजारों की तादाद में पहुंचने वाले स्थानों पर श्रद्धालु नहीं पहुंच रहे हैं जहां कभी बडी संख्या में दुकानें लगा करती थी आज वहां दुकान लगाने के लिए मात्र 10 से 12 दुकानदार ही पहुंची, मंदिर प्रांगण में भी लोगों की भीड़ देखने को नहीं मिल पाई, देश मै फेली महामारी का असर धार्मिक आयोजनो के ऊपर भी जमकर पड़ रहा है जिसे लोग काफी निराश भी है।
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