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(गगन शर्मा) हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के प्रबन्ध अध्ययन संकाय में आयोजित वेबिनार को सम्बोधित करते हुए आई.आई.एम. इन्दौर के निर्देशक प्रो० हिमांशु राय ने कहा कि जीवन में सही मार्ग दर्शन ही व्यक्ति के जीवन निर्माण में निर्णायक भूमिका का निर्वाह करता है। इथीकल लिडरशीप (नैतिक नेतृत्व) के नेतृत्व में व्यक्ति अपनी प्रतिभा व गुणों का सही समय पर उपयोग कर अपनी सार्थकता को सिद्ध कर अन्य लोगों के सामने एक बेहतर उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है। अपने अनुभवों को वेबिनार में साझा करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे वेद व गीता में इसके विभिन्न उदाहरण देखने को मिलते हैं, जिनमें इस बात की प्रमाणिकता सिद्ध होती है कि किस प्रकार परिस्थितियों के अनुरूप उचित मार्गदर्शन मिलने पर नैतिक सिद्धान्तों को अपने जीवन में उतारकर लम्बे संघर्षो पर जीत हासिल की जा सकती है। उन्होंने इस मौके पर यजुर्वेद के 40वें तथा श्रीमद्भगवदगीता के 47वें श्लोक व महाभारत युद्ध के सतरहवें दिन हुए अर्जुन व कर्ण के संवाद उदाहरण के रूप में प्रतिभागियों के सामने रखें उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हमारे यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है जरूरत है तो इन प्रतिभाओं को उचित नेतृत्व में मिलने वाले मार्गदर्शन की, जिस पर चलकर यह देश व समाज को प्रगति के पथ पर ले जाने में सहायक हों। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० रूपकिशोर शास्त्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में विभिन्न ऐसे उदाहरण है जहां विभिन्न राजाओं ने अपने कुलगुरुओं का मार्गदर्शन कर अपने जीवन में यश और कीर्ति प्राप्त करते हुए जनसेवा कार्य कर लोगों के सामने उदाहरण प्रस्तुत किए। वर्तमान दौर में भी दुनिया के विभिन्न देश हमारी प्राचीन संस्कृति की इस धरोहर को जानने व नजदीक से सीखने की जिज्ञासा रखकर यहां आते हैं। प्रबन्ध अध्ययन संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो० वी०के० सिंह ने कहा कि प्रो० हिमांशु राय द्वारा वेबिनार में साझा किए गए अनुभवों से प्रतिभागियों ने निश्चिय ही एक नई ऊर्जा का संचार होगा। उन्होंने कहा कि जिन बिन्दुओं पर प्रो० राय ने अपने उद्गार व्यक्त है, हमारा विश्वविद्यालय उन्हीं सिद्धान्तों पर चलकर निरन्तर शिक्षा के क्षेत्र में अग्रसर हो रहा है। विश्वविद्यालय के संस्थापक स्वामी श्रद्धानन्द महाराज का मूल उद्देश्य भी हमारी युवा पीढ़ी में नैतिक संस्कारों को संस्कारित करते हुए उन्हें ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में परिपक्व करना था। जिस दिशा में हम आज निरन्तर अग्रसर हैं। डॉ० अनिल डंगवाल ने वेबिनार में प्रतिभाग करने वाले प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। वेबिनार में प्रो० बिन्दु अरोड़ा, प्रो० सुरेखा राणा, प्रो० पतिराज कुमारी, डॉ पूनम पेन्यूली, डॉ० वागीश पालीवाल, डॉ० राजुल भारद्वाज, डॉ० मीहिर जोशी, अमीत, मिथिलेश सहित 186 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।
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