हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। अभिभावकों की पीड़ा नहीं सहयोग राष्ट्रीय अभिभावक कल्याण परिषद, फीस और ऑनलाइन शिक्षा की मांगों को लेकर मुख्य शिक्षा अधिकारी से मिला राष्ट्रीय अभिभावक कल्याण परिषद का प्रतिनिधि दल आज शिक्षा संबधि व प्राइवेट स्कूलों द्वारा अगले सत्र की पढ़ाई इंटरनेट के माध्यम से कराई जा रही है, तथा बच्चों को फोन मे देखकर कार्य करना पड़ता है। जिससे बच्चों के कान, आँखें कमजोर होने व विकलांगता का खतरा बढ़ गया है। इसके अतिरिक्त बच्चों को जो समझ नही आता, उसे समझने का भी कोई उपाय नही किया गया है, इंटरनेट पर पढ़ाई करना आरंभ करने के बाद से ही स्कूल द्वारा अभिभावकों से फीस की मांंग कर परेशान किया जाने लगा, तथा प्राइवेट स्कूलों द्वारा अपनी फीस इस तरह से तैयार की जा रही है जिससे अभिभावक को कोई राहत न मिल सके जो प्राइवेट स्कूलों का निरंकुश होना दर्शाता है, इसके अलावा अधिकतर बच्चो के पास या तो इंटरनेट की सुविधा नही है या उनके क्षेत्र मे सिग्नल न होने के कारण इस ऑनलाइन शिक्षा व परीक्षा से वह बंचित हो रहे है जो उनके संवैधानिक समानता के अधिकार का हनन है। इन सब समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय अभिभावक कल्याण परिषद मुख्य शिक्षा अधिकारी से मिला व ज्ञापन देकर अवगत कराया, राष्ट्रीय अभिभावक कल्याण परिषद के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि वर्तमान मे समूचा विश्व covid-19 कि महामारी से पीड़ित है प्राइवेट स्कूल तरह तरह से धन कमाने के ध्येय से ऑनलाइन शिक्षा व ऑनलाइन परीक्षा का प्रपंच रच रहे हैं, जिससे बच्चो के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ रहा है व उनके समानता के अधिकार प्रभावित हो रहा है, उन्होने बताया कि उन्होने ज्ञापन भारत साकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय उत्तराखड़ सरकार को द्वारा मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार ज्ञापन दिया गया। इस अवसर मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार आनंद भारद्वाज ने कहा कि प्राइवेट स्कूल की मनमानी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। राष्ट्रीय अभिभावक कल्याण परिषद द्वारा अभिभावकों के हित मे किए जा रहे कार्यों की सराहना की। ज्ञापन देने वाले राष्ट्रीय प्रतिनिधि मण्डल में प्रशांत राजपूत, सौरभ शर्मा,  गौरव अग्रवाल, विकास तिवारी, नवीन राजवंस, दीपेश गर्ग, रजनीकान्त यादव, डॉ० शलिनी मलकानी, दीपा उपाध्याय  पंकज जयसवाल आदि उपस्थित रहे।
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