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दो दिन से अस्पताल की मोर्चरी में रखे गए हैं शव
(अमित रतूडी) ऋषिकेश। ऋषिकेश में कोरोना मृतकों के शव इन दिनों प्रशासन के लिए गले की फांस बन गए हैं। कोरोना वायरस की डर के कारण लोग मृतकों के शवों को अपने क्षेत्र में दफनाने नहीं दे रहे हैं। जिसको लेकर ग्रामीणों की प्रशासन से तीखी नोक झोंक भी हो रही है। ऐसे में ऋषिकेश तहसील प्रशासन  ने डीएम देहरादून से समस्या के बाबत निजात दिलाने के लिए मदद मांगी है। बहरहाल मृतकों के शव दो दिन से एम्स मोर्चरी में ही रखे गए हैं। एम्स ऋषिकेश में कोरोना संक्रमण के चलते मुजफ्फरनगर के पुरकाजी निवासी महिला व एक युवक की 3 जून की देर रात मौत हो गई थी। लेकिन अब उनके शव को दफनाने का मामला प्रशासन और पुलिस के गले की फांस बनता दिख रहा है। पिछले 2 दिन से दोनों ही शव एम्स की मोर्चरी में रखे गए हैं। लेकिन अभी तक शवों को दफनाने के लिए प्रशासन को कब्रिस्तान ही नहीं मिल पाया है। ऋषिकेश के प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने शवों को दफनाने के लिए आसपास के क्षेत्र में प्रयास किया, लेकिन विरोध के चलते उन्हें नाकामी ही हाथ लगी है और ग्रामीणों से नोक झोंक भी हो गई। अब उपजिलाधिकारी ऋषिकेश के माध्यम से मामले में डीएम से मदद मांगी गई है। जिसके कारण शवों को दफनाने को लेकर प्रशासन स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रहा है। उपजिलाधिकारी प्रेम लाल ने बताया कि मामले को लेकर डीएम देहरादून को बता दिया गया है। शवों को जल्द से जल्द स्थान सुनिश्चित कर दफना दिया जाएगा।
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