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(अमित रतूडी) ऋषिकेश। राज्य सरकार चारधाम यात्रा को शुरू करने पर विचार कर रही है। ऐसे में यात्रा शुरू हो भी गई तो यात्री या पर्यटक यंहा आकर ठहरेंगे कंहा। क्योंकि प्रदेश सरकार ऋषिकेश के अधिकांश होम स्टे, होटलों को क्वारन्टीन के लिए अधिकृत कर चुकी है। इसको लेकर ऋषिनगरी के परिवहन व्यवसायी इन दिनों असमंजस की स्थति में हैं। गौरतलब है कि सरकार ने चार धाम यात्रा शुरू करने की कवायद शुरू कर दी है। यात्रा को लेकर उच्च अधिकारियों ने रणनीति बनानी भी शुरू कर दी है। सम्भव है जल्द ही यह रणनीति क्रियान्वित भी हो जाये। सवाल यह है कि यात्रा किस तरह से संचालित होगी इसको लेकर परिवहन व्यवसायियों में असमंजस की स्थिति में हैं। दरअसल, कोरोना महामारी की वजह से पहाड़ी क्षेत्रों और ऋषिनगरी के लगभग सभी होटल, धर्मशालाओं को प्रशासन द्वारा क्वारन्टीन सेंटर बनाया गया है। ऐसे में चार धाम यात्रा करने यात्री आते भी हैं तो उनके ठहरने की व्यवस्था किस प्रकार होगी।इसके साथ साथ कई तरह की बातों को लेकर परिवहन व्यवसायी चिंतित हैं। संयुक्त रोटेशन चार धाम यात्रा व्यवस्था समिति के अध्यक्ष मनोज ध्यानी ने कहा कि यात्रा को लेकर मुख्य सचिव का बयान सुना है। जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ शहरों से चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों को 7 दिनों तक क्वारन्टीन करने को कहा है। जबकि सबसे अधिक यात्री ही इन्हीं शहरों से आते हैं। अब अगर उनको यहां 7 दिनों तक क्वारन्टीन रहना होगा तो वे यात्रा करने क्यों आएंगे और अगर आते भी हैं तो उनके ठहरने की व्यवस्था कैसे होगी। कहा कि सरकार ने पहले से ही होटल, धर्मशाला, आश्रम, स्कूल और कॉलेजों को क्वारन्टीन सेंटर बनाया हुआ है। ऐसे में सरकार को परिवहन व्यवसायियों और यात्रा से जुड़े लोगों के साथ बैठक कर प्लानिंग करने के बाद ही यात्रा को शुरू करना चाहिए।
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