हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) लक्सर। लक्सर उपजिलाधिकारी तथा नगर पालिका परिषद चेयरमैन अम्बरीष गर्ग एंव प्रधान मो आरिफ दरगाहपुर, प्रवीण रामकुमार, ईओ गौहर हयात, संजय कुमार समाजसेवी लक्सर विधायक, शादाब अली आदि सम्मानित लोगो ने घाटो पर सफाई अभियान चला कर स्वछता का संदेश दिया। गौर तलब है कि पंचलेश्वर महादेव मंदिर विश्व का एक मात्र मंदिर है जहां उलटी गंगा बहती है। जानकारों का कहना है कि पांच पांडवो ने यही स्नान व विश्राम किया था। पंचलेश्वर महादेव मंदिर सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। जहां हर वर्ष महाशिवरात्रि पर मेले का आयोजन किया जाता है। दूरदराज से श्रद्धालु मंदिर में पहुंचते हैं। श्रावण मास में यहां पूजा-अर्चना और भगवान शिव का जलाभिषेक करने से विशेष पुण्य मिलता है। पंचलेश्वर महादेव मंदिर महाभारतकालीन है। मान्यता है कि महाभारत काल में अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने यहां समय व्यतीत किया था। इसी दौरान पांडवों ने यहां मंदिर की स्थापना की थी। यहां गंगा पूर्व से पश्चिम की ओर उल्टी दिशा में बहती है। मंदिर के पुजारी सुगन दास के अनुसार महाभारतकालीन इस मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करने से भोले भंडारी शिवभक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए दूरदराज से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। श्रावण मास में मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। मन्नत पूरी होने के बाद श्रद्धालु यहां आकर भंडारे और पूजा का आयोजन करते हैं। पुजारी सुगन दास कहते हैं कि इस मंदिर की बेहद मान्यता है। महाभारतकाल में स्वयं पांडवों ने मंदिर की स्थापना की। वर्ष भर यहां शिवभक्तों का आना लगा रहता है। श्रावण मास में यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है।
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