हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। 71वां गणतंत्र दिवस पर्व अहबाब नगर चौक ज्वालापुर में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, मुख्य अतिथि अकबर खान ने ध्वजारोहण किया और ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान गुन गुनाया गया, वही देश भक्ति पर छोटे-छोटे बच्चों ने संस्कृतिय कार्यक्रम प्रस्तुत कर अतिथि गणों का मन मोह लिया, मुख्य अतिथि अकबर खान ने गणतंत्र दिवस पर्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आज हम 71वां गणतंत्र दिवस मना रहे है, इस दिन ही हमारे देश को अपना संविधान मिला था, 26 जनवरी 1950 को सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया था, संविधान लागू होने के बाद हमारा देश भारत एक गणतंत्र देश बन गया, उन्होंने बताया कि इस के 6 मिनट बाद 10 बजकर 24 मिनट पर राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी और पहली बार बतौर राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से निकले थे।
देखें वीडियो: गुलबहार कुरैशी
कार्यक्रम के संचालन और संयोजक गुलबहार कुरैशी ने कहा कि भारत के संविधान ने सभी जाति धर्म के लोगों को एक दूसरे से जोड़ रखा है, भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, 2 साल, 11 महीने और 18 दिन में यह तैयार हुआ था उन्होंने कहा कि संविधान को लागू करने के लिए 26 जनवरी का दिन इसलिए चुना गया, क्योंकि 1930 में इसी दिन कांग्रेस के अधिवेशन में भारत को पूर्ण स्वराज की घोषणा की गई थी, उन्होंने कहा कि आजादी मिलने और संविधान लागू होने के बरसों बाद भी आज भारत जातिवाद, अपराध, भ्रष्टाचार, हिंसा, नक्सलवाद, आतंकवाद, गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा जैसी समस्याओं से जूझ रहा है, हम सभी को एक होकर इन समस्याओं को खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए, भारत को जब तक इस समस्याओं से बाहर नहीं निकालते, तब तक स्वतंत्रता सेनानियों का सपना पूरा नहीं होगा, हम सभी जाति धर्म के लोगों को एक होकर प्रयास करना होगा तभी श्रेष्ठ और विकसित भारत का निर्माण होगा। इस अवसर पर गुलजार उर्फ राजा, हाजी शेरु अंसारी, सुहेल अख्तर फैसल सिद्दीकी, राव सोनू, दिलशाद मंसूरी, राशिद अली, आजाद अली, रिहान कुरैशी, रजनीश कुमार, विशाल प्रधान, समीर अंसारी, फैजान अंसारी, इस्तेखार भाई, सरफराज, बाबू भाई डॉ. मेहरबान, कासिफ सलमानी आदि उपस्थित रहें।


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