हरिद्वार की गूंज (24*7)
जिला प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा नशे का कारोबार, दुर्भाग्य मौत के सौदागरों पर नहीं हो रही कार्रवाई
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस० के आदेश अनुसार जनपद में पुलिस ने अवैध शराब की बरामदगी रोकथाम के लिए जबरदस्त अभियान चला रखा है, लगातार शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के जंगल में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में कच्चे अवैध शराब लहान नष्ट किया जा रहा है, इतना ही नहीं अवैध शराब में लिफ्ट लोगों को दबोच कर सलाखों के पीछे पहुँचानेे का कार्य भी पुलिस कर रही है, इसी क्रम में पुलिस द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में सथित देशी शराब व अंग्रेजी शराब के विक्रेताओ मालिकों एवं सेल्स मैन की मीटिंग भी ली गई, जिसमें उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशानुसार अवैध शराब की बिक्री एवं क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति द्वारा अवैध शराब निर्माण करने पर सख्त कार्यवाही की चेतावनी दी गई,
देखें वीडियो: एसएसपी हरिद्वार
वही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस० का कहना है, कि जनपद में अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें लगातार लहान को नष्ट किया जा रहा है, उन्होंने कहा कि अवैध शराब माफियाओं पर रूप से शिकंजा कसा जाएगा और सभी की गिरफ्तारी की जाएगी, आपको बता दे कि नशे के विरुद्ध वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के सख्त आदेश बहुत ही सराहनीय है, नशे के विरुद्ध अभियान में अंधकार की ओर जाती हुई, युवा पीढियों का जीवन उजाले की ओर जा सकेगा, जिससे नशे से होने वाली बर्बादी को बचाया जा सकेगा, लेकिन अधिकतर शराब माफिया की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है, ज्यादा कर पुलिस शराब बनाने वाले उपकरण बरामद कर लहान नष्ट करने का तो काम कर रही है, परंतु पूर्ण रूप से शराब माफियाओं पर शिकंजा कसने में विफल हो रही है, जिससे कहीं ना कहीं शराब माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और वह लगातार बेखौफ होकर अपने कारोबार को अंजाम देने में लगे हुए है,
कस्साबान निवासी नशे के कारण कैंसर से बिखरता परिवार
मौत के कारोबार को फैलाने के जिम्मेदार विभागीय अधिकारी भी होते है, जो अपनी जिम्मेदारियों को दर किनार कर सरकारी सुविधाओं का फायदा उठाने में लगे हुए है, आबकारी विभाग हो या स्वास्थ्य विभाग दोनों ही विभाग पर ही सवालिया निशान खड़े हो गए है, जो कार्य आबकारी विभाग व स्वास्थ्य विभाग का है, उसे लगातार पुलिस कर रही है, तो शासन को चाहिए कि इन दोनों ही विभागों को पूर्ण रूप से खत्म कर दे, क्योंकि भ्रष्ट विभाग सरकारी धन का दुरुपयोग कर अपनी जरूरतों को पूरा करने में लगे हुए है, लेकिन अपने कर्तव्य के प्रति गंभीर नहीं है, और नौजवानों को नशे की मौत की भटियों में झोंक रहे हैं, नशे के विरुद्ध अभियान में मेडिकल स्टोरों पर बिकने वाले नशीले कैप्सूल, दवाइयों पर भी पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगना चाहिए, चप्पे-चप्पे पर खुले मेडिकल स्टोरो की गहनता के साथ जांच की जाए, जिससे नशे के कारोबार पर अंकुश लग सके, और जो भी मेडिकल स्टोर अवैध तरीके से नशीली दवाइयों को बेचता हुआ पाया जाए, उसके विरुद्ध भी सख्त से सख्त कार्रवाई प्रशासन द्वारा की जाए, हाल ही में कस्साबान ज्वालापुर निवासी नेहा नामक महिला की नशीली दवाइयों के कारण मौत हो चुकी है, और महिला का शव मेडिकल स्टोर के सामने रखकर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण किसी भी आला अधिकारी ने मामले को संज्ञान में न लेकर मौत के सौदागरों को और छूट दे दी है, नशे केेे विरुद्ध अभियान में शराब ही नही, कैप्सूल, इंजेक्शन, दवाइयों की शीशी, चरस, अफीम और कई तरीके की सामग्री आती है, इन सभी का संज्ञान लेते हुए सभी पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जो भी लोग इसमें लिफ्ट है, उनके खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे नशे के कारण लगातार हो रही मौतो को रोका जा सके और शासन प्रशासन की साफ-सुथरी छवि जनता के बीच जा सके।



Post A Comment:
0 comments so far,add yours