हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। बहादराबाद ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत गांव जसवावाला में किसानों की सुविधा के अनुरूप चकबंदी का कार्य चालू हुआ था लेकिन चकबंदी ही किसानों के गले की फांस बन गई है चकबंदी के नाम पर किसानों का उत्पीड़न चकबंदी अधिकारी, कर्मचारीओ द्वारा लगातार किया जा रहा है जिससे किसानों में बेहद रोष बन रहा है किसानों का आरोप है कि चकबंदी पटवारी चमनलाल उनकी समस्याओं का समाधान ना कर चकबंदी दफ्तर के चक्कर कटवा रहा है वहीं पीड़ित किसान किशन पाल, फग्गू ने पटवारी चमनलाल पर आरोप लगाते हुए बताया कि चकबंदी पटवारी ने उनकी जमीनों को खुर्द बुर्द कर जसवावाला गांव में लगा दी है,
देखें वीडियो: पीड़ित किसान
उन्होंने बताया कि लगातार एक महीने से हम चकबंदी विभाग के चक्कर काट रहे हैं, ताकि दोनों गांव की सीमा जमीन को लेकर विवाद ना हो जाए, लेकिन पटवारी चकबंदी चमनलाल आपनी हटमर्जी चलाकर उनका शोषण कर रहा है उन्होंने बताया कि चकबंदी पटवारी चमनलाल उनकी समस्या का समाधान करने को बिल्कुल भी तैयार नहीं है और लगातार चक्कर पर चक्कर कटवा रहा है आपको बता दें कि धनौरी चकबंदी दफ्तर पूर्ण रूप से भ्रष्टाचारी का अड्डा बन चुका है और जसवावाला गांव में चकबंदी के नाम पर ग्राम पंचायत भूमि व किसानों की भूमि को बड़े पैमाने पर खुर्द खुर्द कर अपने चहेतो को फायदा पहुंचाने का कार्य अधिकारी कर्मचारी कर रहे है। जिसका विरोध पूर्व में भी ग्राम वासियों ने किया था लेकिन मामला नहीं थमा और लगातार भ्रष्टाचारी में लिप्त होकर अधिकारी कर्मचारी भोले भाले किसानों को बर्बाद करने पर उतारू है जसवावाला गांव के कुछ दलाल द्वारा चकबंदी विभाग अधिकारी, कर्मचारीयो से सांठगांठ कर अपने फायदे के साथ साथ भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारीयो की जेबे गर्म कर रहे है जहां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार देश मुक्त करने में दिन-रात नारे लगाकर जनता को जागरूक करने में लगें हैं, वही सरकारी मशीनरी द्वारा ही भ्रष्टाचारी को बड़े स्तर पर हवा देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारो की धज्जियां उड़ाते हुए नजर आ रहे हैं, और प्रशासन में बैठे उच्चधिकारी भी किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और ना ही चकबंदी में बैठे भ्रष्टाचारी अधिकारी कर्मचारियों पर ठोस कार्रवाई की जा रही हैं पूर्व में भी समाचार पत्रों तथा सोशल मीडिया, चैनलों पर जसवावाला गांव की चकबंदी में पटवारी सुबोध सैनी का भ्रष्टाचारी तथा अपने चाहते दलालों को फायदा पहुंचाने का मामला प्रकाशित किया था जिसमें चकबंदी आलाधिकारियों ने मामले को दबाते हुए पटवारी सुबोध सैनी का तत्काल स्थानान्तरण किया गया, लेकिन पटवारी सुबोध सैनी पर कोई भी प्रकार की जांच या कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे सुबोध सैनी की राह पर पटवारी चमनलाल भी बेखौफ होकर चल पड़े और बड़े पैमाने पर अपने चहेते दलालों को फायदा पहुंचाने में लगे हुए हैं यहां तक चकबंदी विभाग नीचे से लेकर ऊपर तक सभी अधिकारी कर्मचारी भ्रष्टाचारी में लिप्त है अब देखना होगा कि शासन प्रशासन चकबंदी विभाग पर किस तरह की कार्यवाही अमल में लाते हैं। और भ्रष्टाचारियों पर किस तरह की लगाम कसते है या किसानों को भ्रष्टाचारी की भेट का शिकार होने दिया जाता है यह भी अपने आप में एक बड़ा सवाल है।


Post A Comment:
0 comments so far,add yours