हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। सनातन वैदिक हिंदू धर्म संस्कृति के प्रचार के भविष्म पितामह बहुमुखी प्रतिभाके के धनी पूज्य गुरुदेव महामंडलेश्वर स्वामी श्यामसुंदर दास शास्त्री जी महाराज अचानक  तबीयत खराब होने के कारण 98 वर्ष की उम्र में शरीर त्याग कर ब्रह्मलीन हो गए हैं जिससे संत समाज और उनके अनुयायियों में अत्यंत दुख की लहर फैल गई है। जिनका पार्थिक शरीर को कनखल श्मशान घाट ले जाया जाएगा, महामंडलेश्वर स्वामी श्यामसुंदर दास शास्त्री जी महाराज ज्ञान धर्म अध्यात्म और सादगी के एक ऐसे प्रत्येक थे जिन्होंने अपने जीवन में सनातन संस्कृति का प्रचार पूरे विश्व में फैलाया है उन्होंने नर सेवा को नारायण सेवा माना और अपना पूरा जीवन जनकल्याण को समर्पित कर दिया। स्वामी श्यामसुंदर दास शास्त्री जी महाराज के विचार, ज्ञान आने वालीपीढियों को धर्म और राष्ट्र सेवा के लिए सदैव प्रेरित करते रहेंगे।
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