हरिद्वार की गूंज (24*7)
(विभास सिन्हा) हरिद्वार। नमामि गंगे योजना के तहत 250 करोड़ व् 40 करोड़ अतिरिक्त हर की पौड़ी के सौन्दर्यकरण बज़ट से घाटों की स्वच्छता के लिए 41 मशीनों को क्रय किया गया। बैट्री चलित इन मशीनों से हरिद्वार नगर निगम के अंतर्गत आने वाले समस्त घाटों की सफाई कार्यदायी संस्था आकांक्षा इंटरप्राइजेज द्वारा किया जाना था इसके अंतर्गत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, नाला टैपिंग, एसटीपी आदि विभिन्न कार्य किए जाने थे परंतु हर की पौड़ी व् घाटों की स्वच्छता का क्या हाल है सभी भली भांति जानते हैं आकांक्षा इंटरप्राइजेज जिसे करोड़ो रुपये का ठेका दिया गया उसके द्वारा अत्याधुनिक मशीनों द्वारा की जाने वाली स्वच्छता का एक भी अभियान किसी के द्वारा अब तक नहीं देखा गया बल्कि अधिकतर घाटों व् गंगा की सफाई भोली भाली आम जनता को नमामि गंगे में सदस्य बनवाकर करवा ली गई जिसका श्रेय नमामि गंगे की परियोजना व् पदाधिकारी ले रहे हैं। अब यहाँ सोचनीय विषय यह है कि नमामि गंगे योजना के तहत आकांक्षा इंटरप्राइजेज को करोड़ो का ठेका जो कि गंगा सफाई के लिए दिया गया था उसका कार्य क्या है जबकि सारी सफाई आम जन मानस द्वारा नमामि गंगे, स्पर्श गंगा, बीइंगभागीरथ व जनयुवा समिति जैसी संस्थाओं में सदस्य बनवाकर करवाई जा रही हैं मतलब हर जगह भोली भाली जनता मूर्ख बने और परियोजनाओं के तहत करोड़ो का माल मिल बाँट कर अंटी कर लिया जाए।
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