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(इमरान देशभक्त ब्यूरो) रुड़की। पंडित संजय शर्मा ने कहा कि गाय माता की सेवा में ही सभी समस्याओं का समाधान निहित है। गौ माता की सेवा से जहां भक्तों के कष्ट दूर होते हैं वहीं उनके जीवन में सुखद भाव की प्राप्ति भी होती है। उक्त् उद्गार पंडित संजय शर्मा ने शिवपुरम स्थित श्री बांके बिहारी गौशाला में गौभक्त महक कांबोज द्वारा अपने 21वें जन्मदिन को गौ सेवा के रूप में मनाए जाने के अवसर पर व्यक्त किए।उन्होंने कहा कि अपनी भारतीय संस्कृति को पाश्चात्य संस्कृति से बचाने के लिए बच्चों में गौभक्ति व गौ सेवा की भावना जागृत करना बहुत आवश्यक है।बच्चों में अच्छे संस्कार तभी उत्पन्न हो सकते हैं जब वह जन्मदिन आदि जैसे शुभ अवसरों पर केक ना काट कर गौ सेवा के रूप में इस खुशी को बनाएं।बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के साथ-साथ गंगा और गौरी की रक्षा करना भी हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि इसी अभियान के अंतर्गत आज हिंदू समाज के अंदर यह प्रेरणा जागृत हुई है कि वह गौ सेवा तथा दीन-दुखियों की सेवा के रूप में ऐसे कार्य को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने नगर के वरिष्ठ समाजसेवी एवं भाजपा नेता गौरव गोयल को समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि उनके द्वारा विभिन्न अवसरों पर ऐसे कार्यक्रम गौशालाओं, अनाथाश्रमा तथा मंदिरों में जाकर किए जाते रहे हैं जिससे समाज के लोगों को एक नई दिशा के साथ-साथ प्रेरणा भी मिल रही है जिससे उनके अंदर समाज सेवा के भाव तथा हिंदू धर्म की संस्कृति को जागृत करने की एक श्रेष्ठ रचना उत्पन्न हो रही है। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में पहुंचे गौरव गोयल ने कहा कि भारतीय संस्कृति की पहचान गौ माता से है।हमें गौ सेवा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। हमारी भारतीय संस्कृति ने जहां वासुदेव कुटुंबकम का संदेश दिया है वहीं हमारी प्राचीन सभ्यता भी यही रही है कि हम अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए गायों की सेवा करें तथा दिन-दुखियों और समाज के निर्धन व कमजोर लोगों की भी मदद करें। इस अवसर पर हरे घास से बना एक विशाल केक काटकर गौ माता की सेवा में अर्पित किया गया तथा अंत में एक विशाल भंडारे का भी आयोजन हुआ, जिसका प्रसाद सभी गौ भक्तों ने ग्रहण किया। इस अवसर पर राजेश कांबोज, रेणुका कांबोज, विवेक शर्मा, वेद गुलाटी, कृष्णा देवी, निर्मला रानी, बृजेश शर्मा, राजेश, उर्मिला त्यागी, अमित शर्मा, अशोक कुमार, राजेंद्र कुमार आदि अनेक भक्त गण मौजूद रहे।



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