हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। राज्य की स्थाई राजधानी गैरसैण बनाए जाने की मांग को लेकर 30 महिला पुरुष राज्य आंदोलनकारियों पर विभिन्न धाराओं में दर्ज किए गए मुकदमा और 10 जुलाई को उनकी गिरफ्तारी को लेकर चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति रजिस्टर्ड उनकी गिरफ्तारी के साथ-साथ पूरे प्रदेश में गिरफ्तारी देगी, चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति रजिस्टर्ड के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे ने 38 राज्य आंदोलनकारियों पर दर्ज किए गए भारतीय दंड संहिता के तहत 147  एवं 149  एवं 151 एवं 152 एवं 186 एवं 188 एवं 283 एवं  332 एवं 341 एवं 353 एवं 427 धाराएं लगाई गई, पुलिस व प्रशासन द्वारा इस प्रकार की लगाई दे गई धाराओं से अंग्रेजों की याद दिला दी विदित हो कि गत भराड़ी सेंड में  2018 दिसंबर के भराड़ी से संपन्न विधानसभा सत्र के मध्य विधानसभा घेराव को लेकर पूरे राज्य के आंदोलनकारियों ने गैरसैंण कुछ किया था जिसमें चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति रजिस्टर्ड के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे, समिति जनपद चमोली के जिला अध्यक्ष हरी कृष्ण भट्ट व जनपद रुद्रप्रयाग के जिला अध्यक्ष जीत सिंह राणा के नेतृत्व में भारी संख्या में करणप्रयाग से गैरसैंण कुछ किया था तथा जंगल चट्टी पर 55 राज्य आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया था इसी तरह कुमाऊं मंडल से समिति के केंद्रीय महामंत्री नवीन नैथानी व केंद्रीय सचिव जानकी प्रसाद के नेतृत्व में भारी संख्या में आए राज्य आंदोलनकारियों को कालीमठ में गिरफ्तार कर लिया गया था और गैरसैंण के राज्य आंदोलनकारियों ने जब भराड़ी सैंड कुछ किया, तो उनको गैर सेंड में ही गिरफ्तार कर लिया गया था पांडे ने बताया कि राज्य आंदोलनकारियों की अत्याधिक भीड़ होने के कारण सड़क पर स्वता ही जाम लग गया परंतु गैरसैंण के ही 38 महिला पुरुष राज्य आंदोलनकारियों पर ही मुकदमे दर्ज किए गए, उन्होंने कहा कि 10 जुलाई को समिति पूरे प्रदेश में अपने-अपने जिला मुख्यालय पर शासन एवं पुलिस प्रशासन के इस कृत्य के लिए प्रदर्शन करेगी वह अपनी गिरफ्तारियां देंगे, चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति रजिस्टर्ड के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे ने समस्त राज्य के समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से 10 जुलाई को गैरसैंण के राज्य आंदोलनकारियों के समर्थन में जिला तहसील एवं ब्लाक मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने एवं अपनी गिरफ्तारी देने के निर्देश किए हैं पांडे ने कहा कि अब यहां गैरसैंण के राज्य आंदोलनकारियों की ही लड़ाई नहीं यह राज्य के समस्त राज्य आंदोलनकारियों की लड़ाई है।
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