हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मनीष लखानी) हरिद्वार। जैसे-जैसे गर्मियां बढ़ रही है वैसे-वैसे हरिद्वार की जनता के लिए समस्या भी बढ़ती जा रहीं  हैं। हम बात कर रहे हरिद्वार के ब्लड बैंक की जो कि अब बन्द होने की कगार में है। बीते सोमवार को ब्लड बैंक प्रभारी डॉ रजत सेनी को रानीपुर कोतवाली पुलिस द्वारा एक मामले में गिरफ्तार कर लिया था जिसके बाद से ब्लड बैंक में कोई प्रभारी न होने के कारण सारी व्यवथा ठप हो चुकी हैं। जब हमारी टीम द्वारा ब्लड बैंक में जाकर जानकारी  ली तो जानकारी लेने के बाद पता चला की ब्लड बैंक में अब रक्त आदान प्रदान एव रक्तदान शिविर की व्यवस्था बन्द पड़ी है और फिलहाल जितना रक्त शिविरों के माध्यम से एकत्रित हुआ था बस उसी को जरूरतमन्दों को दिया जा रहा, जो कि अब लगभग समाप्त हो चुका है। रक्त की आवश्यकता होने पर हरिद्वार के अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों को देहरादून की ओर भागना पड़ रहा है। देश और प्रदेश का महत्वपूर्ण नगर होने के बाद भी हरिद्वार में उच्च अधिकारियों की उदासीनता के कारण आवश्यक होने पर मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था नही है।


क्या कहते है सीएमओ प्रेम लाल

जब हमारी टीम ने सीएमओ से फोन पर वार्ता कर पूरे विषय मे जानकारी चाही तो उन्होंने कहा कि फिलहाल शासन को पूरे प्रकरण की जानकारी दे दी है और शासन के आदेश के बाद ही यहां पर नए प्रभारी की नियुक्ति की जाएगी और यदि कोई समस्या आती है तो वह यहां पर मौजूद है।

बदल गए सीएमओ के स्वर

सीएमओ से अलग नम्बर से जब हमारे एक साथी ने बिन अपना परिचय दिए बात की तो सीएमओ का कहना था कि रुड़कीं से जाकर ब्लड ले आइये, यहां पर रक्त देने की अभी कोई व्यवस्था नही है।

क्या हो सकती है समस्या

ब्लड बैंक से ब्लड न मिलने के कारण रोगियों को जिंदगी और मौत से भी जंग लड़नी पड़ सकती है चुकी हरिद्वार रक्तकोष में रुड़कीं से ज्यादा सुविधाएं है और गर्मियों के समय मे अनेको बीमारियों के होने की भी सम्भावना ज्यादा रहती है ऐसे में रक्तकोष में कार्य न होने के कारण कोई बड़ी दुर्घटना भी घट सकती है।
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