हरिद्वार की गूंज (24*7)

उत्तम गुणवत्ता की सड़कें बनाने में अभियंताओं की अहम भूमिका

(गगन शर्मा) हरिद्वार। यदि सड़क अभियंता दूरदृष्टि, अपने कार्य के प्रति ईमानदार और समर्पित भावना वाला होगा तो उसके कार्यकाल में जो भी सड़क बनाई जायेगी वो मिशाल के तौर पर उसका उदाहरण दिया जायेगा। जबकि वर्तमान में आजकल देखा जा रहा है कि जितनी सड़क दुर्घटनाओ के कारण जान जा रही हैं उसमें सड़को में गड्डो का होना भी एक बड़ा कारण पाया जा रहा हैं। सड़क बनाते समय कभी तारकोल की मात्रा ज्यादा रख दी तो कभी पैसे बचाने के कारण तारकोल कम कर दिया। जिसके कारण सड़क जल्दी टूट गयी। हरिद्वार में सिंहद्वार के निकट सड़क बनाने के कुछ ही दिनों बाद तारकोल बजरी कुछ ऐसी सुकड़ गयी कि वो उभार बनकर वाहन चालकों को दुर्घटना की दावत देने लगा। रुड़की से लेकर हरिद्वार शांतिकुंज तक कई जगह सड़क में देखा गया कि नई सड़क बनाते समय लगभग 4 इंच ऊंचाई से शुरू की और सड़क का काम बीच मे छोड़ते समय उसे पुनः 4 इंच ऊँचाई पर ही छोड़ दी गयी। यदि अभियंता साहब ए सी की हवा खाने के अलावा सड़क बनते समय लेबर के साथ होते तो सड़क के 4 इंच वाले दोनो किनारे समतल करते। हो सकता है कि उनकी पढ़ाई में उनके ट्रेनर ने 4 इंच किनारे बनाकर छोड़ देने के दुष्प्रभाव नही बताये हो। आजकल के अभियंताओ की बनाई सड़को पर पानी भरना, जल्दी सड़क का टूट जाना, सड़क के बीच में तारकोल बजरी का उभार छोड़ देना सामान्य बात हो गयी हैं। राज्य या केंद्र सरकार को चाहिए कि कोई भी सड़क बनाने के बाद वहाँ एक बोर्ड लगाकर जनता और मीडिया की सूचना देनी चाहिए कि इस सड़क को बनाने वाले अभियंता का नाम उसका वाटसअप मोबाइल नम्बर अंकित होना चाहिए। उससे दो लाभ मिलेंगे पहला सड़क अच्छी बनाई हो तो अन्य सड़क बनाने की जिम्मेदारी भी उसी अभियंता को दी जायेगी। खराब सड़क बनाई हो तो अन्य सड़क उससे बनवाने से परहेज किया जायेगा। साथ ही गैर जरूरी स्पीड ब्रेकर बनाने से सरकार और सड़क निर्माण अभियंताओं को परहेज करना आवश्यक है। यदि वाहन चालकों को अपने वाहन सड़क पर उतारने से पहले अच्छा खासा टेक्स देते हैं तो अच्छी सड़क मिलना उसका मौलिक अधिकार बन जाता है। किसी भी राज्य में विधायको या सांसदों के क्षेत्रों में कितना  विकास हुवा ये वहां की सड़कें स्वयं बता देती हैं। अतः राज्य सरकार को चाहिए कि वो ऐसे सड़क निर्माण अभियंताओं से उनकी सेवा न ले जिन्हें सड़क निर्माण सम्बंधित अनुभव न हो या अपने कार्य के प्रति गैर जिम्मेदार हो।
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