हरिद्वार की गूंज (24*7)
(शिवाकान्त पाठक) हरिद्वार। एन०सी०आर०टी कोर्स को प्रमुखता के साथ लागू करने का आदेश बीते वर्ष 2018/19 सत्र हेतु बड़े जोशो खरोस के साथ मुख्य शिक्षा अधिकारी बहादरा बाद ने सरकारी व गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों हेतु जारी किया था परन्तु बदकिस्मती  कहे या फिर लचड़ व्यवस्था खैर जो भी हो वह आदेश सिसकता रहा परन्तु लागू ना हो सका, परिणाम स्वरूप प्राईवेट स्कूलों की मनमानी लूट खसोट बादस्तूर जारी रही व गरीब बेसहारा बच्चों को मुफ्त किताबों व शिक्षा का सरकारी ऐलान सर्व शिक्षा अभियान विकलांग साबित हुआ वैसे यदि गौर करें तो फीस ना देने पर तमाम बच्चे स्कूलों से भगा दिये जातें व तमाम स्कूलों का संचालन बिना किसी मान्यता के बेखौफ जारी रहता है इसका जीता जागता उदाहरण देखने को हेत्तमपुर रोशनाबाद में स्थित शिवम अकाडमी इंगलिस मीडियम स्कूल में देखने को मिलता है वर्ष 2015 से वर्ष 2017 तक उक्त स्कूल बिना किसी मान्यता के बेरोकटोक चलता रहा फर्जी बाड़े पर जिला प्रशासन की नींद नहीं टूटी व हाईटेंशन लाईन के नीचे बच्चों का खेल व ऐसेम्बली ग्राउण्ड शिक्षा विभाग की पोल खोलने के लिए पर्याप्त रहा यही नहीं वल्कि तीन वर्ष तक बिना किसी मान्यता के फर्जी टी सी काटने का सिलसिला भी जारी रहा एक महिला ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि उसके बच्चों की पहले फीस मॉफ की व बाद में उन्हे दो वर्ष पूर्ण होने के पूर्व शिक्षा से वंचित कर दिया गया, जिला प्रसाशन से लिखित शिकायत करने पर परिणाम शून्य निकला तब बालसंरक्छण आयोग देहरादून में न्याय की गुहार लगाई वहां से जांच आने पर जिला परियोजना अधिकारी ने उक्त स्कूल का पक्ष लेते हुये तमाम अनिमियताओं पर पर्दा डालने का उदाहरण पेश कर शिकायत को ही निराधार बता दिया व चोर चोर मौसेरे भाई की कहावत को चरितार्थ कर दिया।
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