हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा जारी अंतरीम बजट को आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष शारिक अफरोज ने जुमलों की पोटली बताया है। केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए शारिक ने कहा कि भाजपा अब भी नहीं समझ रही की देश की जनता जुमलों से ऊब चुकी है। शारिक ने कहा की केवल चुनावी फायदे के लिए आनन फानन में वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के दबाव में यह चुनावी जुमला बजट पेश किया।जहां बजट का आधार राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व आर्थिक आंकड़े होने चाहिए थे,वहीं दुर्भाग्यवश भाजपा सरकार द्वारा पेश इस बजट का आधार केवल जुमलों से वोट बटोरने तक सीमित रहा। शारिक ने सवाल उठाया की 5 लाख तक की जिस छूट का ज़िक्र किया गया वह केवल एक प्रपोजल है और इस बात को छुपाया गया है कि इस से होने वाले वित्तीय नुकसान की भरपाई सरकार कैसे करेगी। आम जनता पर किस माध्यम से अतिरिक्त भार डाला जाएगा। इस सरकार ने एक अच्छे बीमा एजेंट का काम किया है। हर बार देश को एक बीमा योजना दे दी जाती है। ऐसी बीमा योजनाएं पहले से ही मौजूद हैं, अब सरकार इनको अपने द्वारा बेच कर कमिशन भी कमा रही है और साथ ही बीमा कंपनियों को फायदा पहुंच रही है। शारिक ने कहा की आम जनता को केंद्र की मोदी सरकार से आखरी बजट में बेरोज़गार युवकों के लिए कुछ ठोस कदम की अपेक्षा थी,परन्तु आम आदमी को केवल निराशा ही मिली।
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा जारी अंतरीम बजट को आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष शारिक अफरोज ने जुमलों की पोटली बताया है। केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए शारिक ने कहा कि भाजपा अब भी नहीं समझ रही की देश की जनता जुमलों से ऊब चुकी है। शारिक ने कहा की केवल चुनावी फायदे के लिए आनन फानन में वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के दबाव में यह चुनावी जुमला बजट पेश किया।जहां बजट का आधार राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व आर्थिक आंकड़े होने चाहिए थे,वहीं दुर्भाग्यवश भाजपा सरकार द्वारा पेश इस बजट का आधार केवल जुमलों से वोट बटोरने तक सीमित रहा। शारिक ने सवाल उठाया की 5 लाख तक की जिस छूट का ज़िक्र किया गया वह केवल एक प्रपोजल है और इस बात को छुपाया गया है कि इस से होने वाले वित्तीय नुकसान की भरपाई सरकार कैसे करेगी। आम जनता पर किस माध्यम से अतिरिक्त भार डाला जाएगा। इस सरकार ने एक अच्छे बीमा एजेंट का काम किया है। हर बार देश को एक बीमा योजना दे दी जाती है। ऐसी बीमा योजनाएं पहले से ही मौजूद हैं, अब सरकार इनको अपने द्वारा बेच कर कमिशन भी कमा रही है और साथ ही बीमा कंपनियों को फायदा पहुंच रही है। शारिक ने कहा की आम जनता को केंद्र की मोदी सरकार से आखरी बजट में बेरोज़गार युवकों के लिए कुछ ठोस कदम की अपेक्षा थी,परन्तु आम आदमी को केवल निराशा ही मिली।



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