हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। हरिद्वार के आर टी ओ कार्यालय में अपना लाईसेंस बनवाने गए पीड़ित अतुल मैखुरि नामक युवक का कहना है कि जिलाधिकारी दीपक रावत जो कि हरिद्वार को भ्रष्टाचार मुक्त जिले बनाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं। वो जन शिकायतों के आधार पर भी सरकारी दफ्तरों पर हमेशा छापे मारते रहते हैं जो कि हरिद्वार वासियों के लिए बहुत बड़ी बात है। वर्तमान समय में DM साहब समय-समय पर आरटीओ दफ्तर की छापेमारी मारते हैं परंतु वहां के कुछ भ्रष्ट्र अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है, वर्ष 2017 के बाद जब से वहां छापा पड़ा तब से बाहर सड़क पर लगी दलालों की दुकान लगभग बंद हो चुकी है। परंतु अंदर बैठे सरकारी कर्मचारी अभी भी दलाली करने से नहीं चूक रहे हैं। आलम यह है कि अगर किसी को लाइसेंस बनाना है तो ऑनलाइन फार्म फीस के अलावा वहां सरकारी कर्मचारियों के गुप्त दलालों को 1000 हजार रूपये के लगभग देना पड़ता है, उस 1000 हजार रुपये के भीतर आपके लगभग सभी टेस्ट वह सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी हो जाती है जिससे आपका घर बैठे ही काम हो जाता है। दूसरी ओर जो व्यक्ति वहां बिना एजेंट के जाता है तो उसके वहां सभी टेस्टों  से गुजरना पड़ता है। उसे अपने अन्य जरूरी कार्य छोड़कर आर टी ओ दफ्तर के 4-5 चक्कर, काटने के बाद अधिकारीयों से प्रार्थना करनी पडती है तब जाकर आपक लाइसेंस बनता है।
वहां के गुप्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि वहां जो भी लाइसेंस के लिए फाइल तैयार होती है उसमे एक पासवर्ड होता है जो कि आरटीओ में काम करने वाले कर्मचारियों को ही पता होता है कि कौन सी दलाली वाली फाइल और कौन से बिना दलाली की फाइल है। पीड़ित युवक और उसका भाई आरटीओ दफ्तर लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया मे जब उनकी टेस्ट देने की बारी आई तो वहां के एक कर्मचारी ने कहा, उस व्यक्ति के पास जाओ वह व्यक्ति आपका टेस्ट लेगा वह व्यक्ति कोई और नहीं वह गेटमैन था उसे पता ही नहीं है मुझे टेस्ट लेना है या नहीं लेना है उसने कहा मे अपने साहब से पूछकर बताता हूं , जहां उस गेटमैन ने टेस्ट लिया, उस जगह पर ऐसा लगा मानो यहाँ कई दिनों से यहां गाड़ी ना चली हो, क्योंकि वहाँ लगभग सभी लोगों का दलाली से अपना लाइसेंस बनाते हैं क्योंकि उन्हें टेस्ट देने की कोई आवश्यकता नहीं पडती है। उस पीड़ित ने हरिद्वार जिलाधिकारी से मांग है कि वो इस गोरखधंधे को बंद कराएं ताकि यहाँ आये किसी भी व्यक्ति को कोई परेशानी व समस्या ना हो। इस विषय पर जब हरिद्वार की गूंज के पत्रकार ने आर०टी०ओ अधिकारी मनीष जी से बात की तो उन्होंने बताया कि यदि आरटीओ कार्यालय आये किसी भी व्यक्ति या महिला को कोई शिकायत है तो वह बिना किसी झिझक के मुझसे आकर मिले। इसके अलावा जनता को बेहतर सुविधा देने और आरटीओ कार्यालय में अनियमितता को रोकने के लिये स्टाफ की नेम प्लेट, पद सहित लगाने और कार्यालय में एक सुझाव शिकायत पेटिका लगाने पर जल्दी ही निर्णय लिया जायेगा।
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