हरिद्वार की गूंज (24*7)
(शिवाकांत पाठक) हरिद्वार। धर्म नगरी कहलाने वाले हरिद्वार में सम्पूर्ण जनपद में मांस की बिक्री पर आज तक रोक ना लगना प्रसाशन के लिए एक शर्म की बात है साथ ही विदेशी पर्यटकों के लिए चौंकाने वाली बात साबित होती है, हिन्दू धर्म सनातन धर्म है जिसमें मांस तथा मांसाहारी चीजों से परहेज करना होता है लेकिन हरिद्वार में खुलेआम मुर्गा बकरा आदि का माँस बेचने वाले अब राजनीति की आड़ लेकर प्रसाशन को ठेंगा दिखा रहे हैं, जो कि सभी के लिये शर्मनाक है यदि पुलिस प्रसाशन ने रोशनाबाद, बहादराबाद, ज्वालापुर मुहल्ला आदि को इसी प्रकार नजर अंदाज किया तो जनता कब आन्दोलन की नीति अख्तियार करेगी यह कहा नहीं जा सकता।
(शिवाकांत पाठक) हरिद्वार। धर्म नगरी कहलाने वाले हरिद्वार में सम्पूर्ण जनपद में मांस की बिक्री पर आज तक रोक ना लगना प्रसाशन के लिए एक शर्म की बात है साथ ही विदेशी पर्यटकों के लिए चौंकाने वाली बात साबित होती है, हिन्दू धर्म सनातन धर्म है जिसमें मांस तथा मांसाहारी चीजों से परहेज करना होता है लेकिन हरिद्वार में खुलेआम मुर्गा बकरा आदि का माँस बेचने वाले अब राजनीति की आड़ लेकर प्रसाशन को ठेंगा दिखा रहे हैं, जो कि सभी के लिये शर्मनाक है यदि पुलिस प्रसाशन ने रोशनाबाद, बहादराबाद, ज्वालापुर मुहल्ला आदि को इसी प्रकार नजर अंदाज किया तो जनता कब आन्दोलन की नीति अख्तियार करेगी यह कहा नहीं जा सकता।



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