हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। कई दिनों तक निरीक्षक विहीन रही गंगनहर कोतवाली रुड़की की कमान प्रभारी निरीक्षक राजेश शाह ने संभाल ली है। प्रदेश के ईमानदार और व्यवहारिक पुलिस निरीक्षकों में गिने जाने वाले राजेश शाह की कार्यप्रणाली का लाभ इस संवेदनशील कोतवाली में बेहतर पुलिसिंग में मिलेगा, ऐसी आशा व्यक्त की जा रही है। विदित हो कि पिछले दिनों जनपद से तीन निरीक्षकों के गैर जिला तबादला होने पर तीन कोतवाली लक्सर, मंगलौर व गंगनहर कोतवाल विहीन हो गयी थी। इनमें से मंगलौर और गंगनहर में एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी ने नए कोतवाल नियुक्त कर दिए हैं। एसएसपी के आदेश पर देहरादून से तबादला हो कर हरिद्वार आये निरीक्षक राजेश शाह ने गंगनहर का चार्ज सम्भाल लिया है। राजेश शाह इससे पूर्व देहरादून में विभिन्न महत्वपूर्ण थानों-कोतवाली में कुशलतापूर्वक जिम्मेदारी निभा चुके हैं। उनकी गिनती उत्तराखण्ड के तेज तर्रार, व्यवहारिक और ईमानदार पुलिस निरीक्षकों में तो की ही जाती है, साथ ही उच्च शिक्षित राजेश का अभी तक का पुलिसिंग का अपना सिद्धान्त यह रहा है कि जिस किसी भी जगह आला अफसरों द्वारा उन्हें जिम्मेदारी दी जाए, वहां से जब तबादला होकर जाएं तो सम्बंधित क्षेत्र के लोग उन्हें न सिर्फ एक अच्छे पुलिस अधिकारी के रूप में भी याद रखें बल्कि एक अच्छे इंसान के रूप में भी उन्हें जाना जाए। जाहिर है कि उनकी इस तरह की कार्यप्रणाली का लाभ क्षेत्र में बेहतर पुलिसिंग करने में मिलेगा।
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। कई दिनों तक निरीक्षक विहीन रही गंगनहर कोतवाली रुड़की की कमान प्रभारी निरीक्षक राजेश शाह ने संभाल ली है। प्रदेश के ईमानदार और व्यवहारिक पुलिस निरीक्षकों में गिने जाने वाले राजेश शाह की कार्यप्रणाली का लाभ इस संवेदनशील कोतवाली में बेहतर पुलिसिंग में मिलेगा, ऐसी आशा व्यक्त की जा रही है। विदित हो कि पिछले दिनों जनपद से तीन निरीक्षकों के गैर जिला तबादला होने पर तीन कोतवाली लक्सर, मंगलौर व गंगनहर कोतवाल विहीन हो गयी थी। इनमें से मंगलौर और गंगनहर में एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी ने नए कोतवाल नियुक्त कर दिए हैं। एसएसपी के आदेश पर देहरादून से तबादला हो कर हरिद्वार आये निरीक्षक राजेश शाह ने गंगनहर का चार्ज सम्भाल लिया है। राजेश शाह इससे पूर्व देहरादून में विभिन्न महत्वपूर्ण थानों-कोतवाली में कुशलतापूर्वक जिम्मेदारी निभा चुके हैं। उनकी गिनती उत्तराखण्ड के तेज तर्रार, व्यवहारिक और ईमानदार पुलिस निरीक्षकों में तो की ही जाती है, साथ ही उच्च शिक्षित राजेश का अभी तक का पुलिसिंग का अपना सिद्धान्त यह रहा है कि जिस किसी भी जगह आला अफसरों द्वारा उन्हें जिम्मेदारी दी जाए, वहां से जब तबादला होकर जाएं तो सम्बंधित क्षेत्र के लोग उन्हें न सिर्फ एक अच्छे पुलिस अधिकारी के रूप में भी याद रखें बल्कि एक अच्छे इंसान के रूप में भी उन्हें जाना जाए। जाहिर है कि उनकी इस तरह की कार्यप्रणाली का लाभ क्षेत्र में बेहतर पुलिसिंग करने में मिलेगा।



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