हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद ब्यूरो) लक्सर। लक्सर ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत खड़ंजा कुतुबपुर गांव में फाटक नंबर 502 बंद होने की वजह से आने जाने वाले वाहनों की लाइनें लग जाती है तथा 1 घंटे वहीं खड़े रहते हैं। इसे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं वाहन स्वामियों का फाटक गेटमैन के साथ बहस तक हो जाती है। लेकिन इस समस्या का समाधान आज तक नहीं निकल पाया। उधर गांव के ग्रामीण भी गेटमैन पर मनमानी करने का आरोप लगा रहे हैं। गांव के ग्रामीणों का कहना कि गेटमैन जान पूछकर राहगीरों को परेशान करता है तथा घंटों फाटक बंद करने के बाद फोन पर चिपका रहता है। खडंजा कुतुबपुर गांव के ग्रामीणों ने कई बार गेटमैन की शिकायत की। लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। इसलिए घंटों जाम की परेशानी का सामना ग्रामीणों को करना पड़ रहा है। गांव के ग्रामीणों ने मांग की है कि समय पर फाटक को खोलाा जाए। जिससे फाटक पर वाहनों का घंटो तक जाम ना लग सके। ग्रामीणों का कहना है कि अगर ट्रेन गुजरने के बाद तुरंत फाटक खोली जाए तो जाम नहीं लग पाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि बुधवार को लक्सर ब्लॉक के खड़ंजा कुतुबपुर फाटक नंबर 502 पर बंद होने की वजह से वाहनों की लंबी लाइन लगने की वजह से जाम लग गया। उन्होंने बताया कि रेलवे विभाग की ओर से फाटक पर एक ट्रक आया हुआ था। जो फाटक के बराबर में खड़ा हुआ था तथा उसकी वजह से फाटक पर जाम का सामना ग्रामीणों को करना पड़ा। लेकिन आए दिन यही मामला रहता है। लंबी स्थिति जाम की लग जाती है। जिससे किसान और जनता काफी परेशान है। लेकिन रेलवे कर्मचारियों का रवैया उल्टा हो रहा है। और अपनी मर्जी से फाटक को खोला जाता है। जबकि रेल विभाग का कहना है कि 20 मिनट से ऊपर रेलवे फाटक बंद नहीं होती। आपको बता दें के कम से कम 40 मिनट रेलवे फाटक बंद रहती है और इसी से जाम की लंबी स्थिति हो जाती है लंबे जाम की स्थिति से लोग मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इससे पहले भी कई बार मारपीट से मुकदमे भी हुए हैं। मगर रेलवे अधिकारियों की झूठी तसल्ली के सिवा ग्रामवासियों को कुछ नहीं मिला है। जबकि ग्रामीणों ने कई बार इंटरलॉक होने की मांग की है और अधिकारियों ने आश्वासन दिया है। मगर 2 साल गुजरने के बाद भी फाटक नंबर 502 इंटरलॉक नहीं हो पाई और जाम की स्थिति बनी रहती है।
(फिरोज अहमद ब्यूरो) लक्सर। लक्सर ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत खड़ंजा कुतुबपुर गांव में फाटक नंबर 502 बंद होने की वजह से आने जाने वाले वाहनों की लाइनें लग जाती है तथा 1 घंटे वहीं खड़े रहते हैं। इसे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं वाहन स्वामियों का फाटक गेटमैन के साथ बहस तक हो जाती है। लेकिन इस समस्या का समाधान आज तक नहीं निकल पाया। उधर गांव के ग्रामीण भी गेटमैन पर मनमानी करने का आरोप लगा रहे हैं। गांव के ग्रामीणों का कहना कि गेटमैन जान पूछकर राहगीरों को परेशान करता है तथा घंटों फाटक बंद करने के बाद फोन पर चिपका रहता है। खडंजा कुतुबपुर गांव के ग्रामीणों ने कई बार गेटमैन की शिकायत की। लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। इसलिए घंटों जाम की परेशानी का सामना ग्रामीणों को करना पड़ रहा है। गांव के ग्रामीणों ने मांग की है कि समय पर फाटक को खोलाा जाए। जिससे फाटक पर वाहनों का घंटो तक जाम ना लग सके। ग्रामीणों का कहना है कि अगर ट्रेन गुजरने के बाद तुरंत फाटक खोली जाए तो जाम नहीं लग पाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि बुधवार को लक्सर ब्लॉक के खड़ंजा कुतुबपुर फाटक नंबर 502 पर बंद होने की वजह से वाहनों की लंबी लाइन लगने की वजह से जाम लग गया। उन्होंने बताया कि रेलवे विभाग की ओर से फाटक पर एक ट्रक आया हुआ था। जो फाटक के बराबर में खड़ा हुआ था तथा उसकी वजह से फाटक पर जाम का सामना ग्रामीणों को करना पड़ा। लेकिन आए दिन यही मामला रहता है। लंबी स्थिति जाम की लग जाती है। जिससे किसान और जनता काफी परेशान है। लेकिन रेलवे कर्मचारियों का रवैया उल्टा हो रहा है। और अपनी मर्जी से फाटक को खोला जाता है। जबकि रेल विभाग का कहना है कि 20 मिनट से ऊपर रेलवे फाटक बंद नहीं होती। आपको बता दें के कम से कम 40 मिनट रेलवे फाटक बंद रहती है और इसी से जाम की लंबी स्थिति हो जाती है लंबे जाम की स्थिति से लोग मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इससे पहले भी कई बार मारपीट से मुकदमे भी हुए हैं। मगर रेलवे अधिकारियों की झूठी तसल्ली के सिवा ग्रामवासियों को कुछ नहीं मिला है। जबकि ग्रामीणों ने कई बार इंटरलॉक होने की मांग की है और अधिकारियों ने आश्वासन दिया है। मगर 2 साल गुजरने के बाद भी फाटक नंबर 502 इंटरलॉक नहीं हो पाई और जाम की स्थिति बनी रहती है।



Post A Comment:
0 comments so far,add yours