हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। कनखल थाना अंतर्गत जमालपुर में शनिवार को इसरार की पुत्री नूर बानो की खनन वाहन से दुर्घटना के कारण मौत हो गयी। जिसके लिये ग्रामीणों ने कनखल थाना के खिलाफ नारे बाजी की। उनका और ग्राम प्रधान सुशील का कहना था कि पिछले कई महीनों से जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद भारी वाहनों का सीतापुर , जमालपुर और जियापोता रूठ पर संचालन बन्द नही हो रहा है। इस विषय और भविष्य में दुर्घटना होने की संभावना पर हरिद्वार की गूंज ने कई महीने पहले ही कनखल थाना और जमालपुर ग्राम प्रधान को चेताया गया था। मगर ऐसा लगता है कि जिला प्रशासन हादसे होने का आदि हो गया है। बहुत कम देखा जाता है कि उसकी सजगता से दुर्घटना होने के कारणों का समय पर इलाज हो सके। ताजा और पुराना मामला हाई वे पर प्रेमनगर आश्रम चौक का है जहाँ अक्सर देखा जाता है कि वहाँ तैनात पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था को सुरक्षित संचालित करने के वो मोबाइल में व्यस्त देखे जाते हैं या आपसी वार्तालाप, और या फिर अन्ये राज्यो से आने वाले वाहनों की नम्बर प्लेट पर निगाह रखे देखे जाते हैं। इस विषय मे अब तक पुलिस के आला अधिकारियों को अवगत करा दिया गया हैं। मगर उन्हें इस विषय में कोई विशेष रुचि नही है जबकि यह दुर्घटना स्थल है, यहाँ इससे पहले भी दुर्घटना में कई जान जा चूंकि है। इस विषय मे ड्यूटी पर कोताही बरतने के लिय जब जब वहाँ तैनात पुलिसकर्मियों से बात की तो उनका यही जवाब होता है कि वाहन चालक दो पहिये हमारे दिशा निर्देशों का पालन नही करते है। जनता को भी चाहिए कि जो पुलिसकर्मी दिन रात सर्दी गर्मी बरसात में खड़े होकर इसलिए यातायात व्यवस्था सम्भालते है ताकि आपका जीवन सुरक्षित रहे। तो हम सभी को पुलिस के दिशा निर्देशों का पालन करना ही चाहिए।
(गगन शर्मा) हरिद्वार। कनखल थाना अंतर्गत जमालपुर में शनिवार को इसरार की पुत्री नूर बानो की खनन वाहन से दुर्घटना के कारण मौत हो गयी। जिसके लिये ग्रामीणों ने कनखल थाना के खिलाफ नारे बाजी की। उनका और ग्राम प्रधान सुशील का कहना था कि पिछले कई महीनों से जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद भारी वाहनों का सीतापुर , जमालपुर और जियापोता रूठ पर संचालन बन्द नही हो रहा है। इस विषय और भविष्य में दुर्घटना होने की संभावना पर हरिद्वार की गूंज ने कई महीने पहले ही कनखल थाना और जमालपुर ग्राम प्रधान को चेताया गया था। मगर ऐसा लगता है कि जिला प्रशासन हादसे होने का आदि हो गया है। बहुत कम देखा जाता है कि उसकी सजगता से दुर्घटना होने के कारणों का समय पर इलाज हो सके। ताजा और पुराना मामला हाई वे पर प्रेमनगर आश्रम चौक का है जहाँ अक्सर देखा जाता है कि वहाँ तैनात पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था को सुरक्षित संचालित करने के वो मोबाइल में व्यस्त देखे जाते हैं या आपसी वार्तालाप, और या फिर अन्ये राज्यो से आने वाले वाहनों की नम्बर प्लेट पर निगाह रखे देखे जाते हैं। इस विषय मे अब तक पुलिस के आला अधिकारियों को अवगत करा दिया गया हैं। मगर उन्हें इस विषय में कोई विशेष रुचि नही है जबकि यह दुर्घटना स्थल है, यहाँ इससे पहले भी दुर्घटना में कई जान जा चूंकि है। इस विषय मे ड्यूटी पर कोताही बरतने के लिय जब जब वहाँ तैनात पुलिसकर्मियों से बात की तो उनका यही जवाब होता है कि वाहन चालक दो पहिये हमारे दिशा निर्देशों का पालन नही करते है। जनता को भी चाहिए कि जो पुलिसकर्मी दिन रात सर्दी गर्मी बरसात में खड़े होकर इसलिए यातायात व्यवस्था सम्भालते है ताकि आपका जीवन सुरक्षित रहे। तो हम सभी को पुलिस के दिशा निर्देशों का पालन करना ही चाहिए।



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