हरिद्वार की गूंज (24*7)
(शिवाकान्त पाठक) हरिद्वार। सड़क यातायात कानून के तहत बिना हेलमेट चालक या साथ में पीछे बैठे व्यक्ति को जुर्माना भरने का प्राविधान है, जुर्माना अदा करने के उपरांत क्या वह व्यक्ति सुरक्षित हो जाता है, क्या वह किसी गंभीर हादसे का शिकार नहीं हो सकता? ये जुर्माने का शिलशिला बीते कई माह से अनवरत चल रहा है लेकिन बावजूद जुर्माना ये जुल्म बेरोकटोक हो भी रहा है अभी भी बिना हेलमेट लोग देखे जा सकते हैं तो आईये विचार करें इसके पीछे का सच क्या है यदि सरकार की मंशा यह है कि दुर्घटना में व्यक्ति की हिफाजत तो चैकिंग के दैरान जुर्माना स्वरूप उ.ख सरकार की ओर से हेलमेट की कीमत लेकर गलती करने वाले को हेलमेट दिया जाना चाहिए ताकि इस भूल को जड़ से समाप्त किया जा सके लेकिन जुर्म पर जुर्माना मात्र इस समस्या का समाधान नहीं हो सकता भले ही देश हित में धन संचय हो रहा हो लेकिन मानव कल्याण की दृष्टि से यह कार्य उचित नहीं है, इसमें संसोधन की महती आवश्यकता पर बल दिया जाना चाहिए।
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