हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। सरसो के खेत और बचपन दोनो ही बेहद खूबसूरत, दोनो ही अस्थिर। जी हाँ इन दिनों खेतो में सरसों की सुंदरता देखते ही बनती है। पीली पीली लहराती सरसों, शुद्ध शीतल और स्वच्छ पवन उस पर खेत मे अटखेलियां करते प्यारे प्यारे बच्चे। जो हर किसी का मन मोह लेती है। बच्चों का बचपन भी कुछ सरसो के खेत जैसा सुंदर और आकर्षक होता है। जब बचपन खत्म हो जाने बड़े होने पर सिर्फ यादे रह जाती है। जीवन बड़ा खूबसूरत होता है बस अपने अंदर के बचपन को जिंदा रखे। दुःख सुख जीवन के दिन रात की ही तरह होते हैं इनसे धर्य के बल पर ही विजय प्राप्त की जा सकती है। अभी जनवरी और फरवरी तक सरसों की सुंदरता खेतो में आपके शेल्फ़ी लेने की प्रतीक्षा में है तो जीवन की भागदौड़ में से समय चुराओं और नटघट बच्चों के संग चलिए किसी शांत, सुंदर और प्यारे से गांव के खेतों में। जहाँ आपकी परेशानियां कुछ देर के लिये छूमंतर होकर आपके चेहरे पर प्यारी सी स्माइल आ जायेगी।
(गगन शर्मा) हरिद्वार। सरसो के खेत और बचपन दोनो ही बेहद खूबसूरत, दोनो ही अस्थिर। जी हाँ इन दिनों खेतो में सरसों की सुंदरता देखते ही बनती है। पीली पीली लहराती सरसों, शुद्ध शीतल और स्वच्छ पवन उस पर खेत मे अटखेलियां करते प्यारे प्यारे बच्चे। जो हर किसी का मन मोह लेती है। बच्चों का बचपन भी कुछ सरसो के खेत जैसा सुंदर और आकर्षक होता है। जब बचपन खत्म हो जाने बड़े होने पर सिर्फ यादे रह जाती है। जीवन बड़ा खूबसूरत होता है बस अपने अंदर के बचपन को जिंदा रखे। दुःख सुख जीवन के दिन रात की ही तरह होते हैं इनसे धर्य के बल पर ही विजय प्राप्त की जा सकती है। अभी जनवरी और फरवरी तक सरसों की सुंदरता खेतो में आपके शेल्फ़ी लेने की प्रतीक्षा में है तो जीवन की भागदौड़ में से समय चुराओं और नटघट बच्चों के संग चलिए किसी शांत, सुंदर और प्यारे से गांव के खेतों में। जहाँ आपकी परेशानियां कुछ देर के लिये छूमंतर होकर आपके चेहरे पर प्यारी सी स्माइल आ जायेगी।



Post A Comment:
0 comments so far,add yours