हरिद्वार की गूंज (24*7)

(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। विश्व प्रसिद्ध मशहूर गायक मोहम्मद रफी साहब का 94 वां जन्मदिन उनके प्रेमियों ने भारत स्टूडियो हरिद्वार में केक काट कर बड़ी धूमधाम से बनाया। जूनियर कलाकारों ने मोहम्मद रफी साहब के खोया खोया चांद खुला आसमान, लिखे जो खत तुझे, सुहानी रात ढल चुकी, सुख के सब साथी दुख में ना कोई आदि गीतों को गुनगुना कर शमां बांधे रखी। इस अवसर पर जावेद खान (भारत) ने कहा कि मोहम्मद रफी साहब ने अपनी मधुर आवाज से देश में ही नहीं, विदेशों में भी अपनी पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि आज भी रफी साहब के सदाबहार गीत सुनकर मन प्रसन्न हो जाता है। उनके गीतों में जीवन रस छुपा होता है। उन्होंने ने कहा कि युगो युगो तक मोहम्मद रफी साहब के प्रेमी उनके गीतों को ऐसे ही गुनगुनाते रहेंगे। वही सागर रफी ने कहा कि मधुर आवाज के धनी  मोहम्मद रफी साहब जैसे अनमोल रतन की कमी सदैव महसूस होती रहेगी। जिन्होंने अपने मधुर गीतों से सभी के दिलों पर राज किया। उनके एक एक गीतो की पंक्तियों में रस छुपा हुआ है। वहीं जूनियर बच्चन ने कहा कि मोहम्मद रफी साहब अपने फन के अंदाज से गीतों में मिठास डाल देते थे। उनकी मधुर आवाज दिलों पर आज भी राज करती है। उन्होंने कहा कि मोहम्मद रफी साहब की कमी उनके चाहने वालों को सदैव सताती रहेगी। रफी साहब के जन्मदिन पर भूपिंदर कलसी, हरिओम शर्मा आदि ने अपने अपने विचार रख उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मोहम्मद रफी साहब ने अपना सारा जीवन सादगी और प्रेम भाव से गुजारा है। अनमोल रतन से पहचाने जाने वाले मोहम्मद रफी साहब ने अपने गीतों की पत्तियों के माध्यम से जीवन गुजारने के लिए कुछ ना कुछ शिक्षा दी है। उनकी मधुर आवाज से भरे गीत आज भी दुनिया में गुनगुनाए जाते है। और सदैव गुनगुनाए जाते रहेंगे।
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