हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। भारत रत्न पं0 मदन मोहन मालवीय जी की 157 वीं जयन्ती के अवसर पर महामना सेवा संसथान की ओर से आयोजित किया गया। उत्तराखण्ड की माननीय राज्यपाल श्रीमती बेबीे रानी मौर्य बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में पधारी, उनके साथ कैबिनेट मंत्री श्री मदन कौशिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे। दोनो ने पंडित मालवीय जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित किये। श्रीमती मौर्य ने महान शिक्षाविद्, समाज सेवक के जन्मदिवस के अवसर पर भारत में सबसे पहले अटल उत्तरखण्ड में राज्य में आयुष योजना शुरूआत होने पर सभी प्रदेशवासियसों को बधाई। सरकारी की इस महत्वकांक्षी सेवा से जरूरतमंद लाभान्वित होगा इसका विश्श्वास जताया। प्रति वर्ष की भाॅति इस वर्ष भी महामना सेवा संस्थान हरिद्वार की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में समाज को अपनी सेवाओं से लाभान्वित करने के लिए जेसी जैन, पण्डित शम्भूनाथ शर्मा, डाॅ ओपी वर्मा, ब्रिगेडियर रिटा, पीएस गुरंग, वैद्य दीपक कुमार, आर एस प्रधान, सचिन मित्तल आदि को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज भारत माता के एक और महान सपूत भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जयंति पर श्रद्धासुमन अर्पित किये। उन्होंने कहा कि पण्डित मदन मोहन मालवीय जी उन महान् विभूतियों में से एक हैंए जिन्होंने राष्ट्र. निर्माण में अमूल्य योगदान दिया है। मालवीय जी एक शिक्षाविद्ए सम्पादकए समाज.सुधारकए वकील और एक कुशल वक्ता के रूप में जाने जाते रहे हैं। उन्होंने वर्षों तक अभ्युदय समाचार पत्र का सम्पादन किया। मालवीय जी ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की। उन्होंने हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए घर.घर जाकर चन्दा मांगने में भी संकोच नहीं किया। मालवीय जी एक महान देशभक्त और समाज सुधारक थे। महात्मा गांधी उन्हें अपना बड़ा भाई कहते थे। उनका कहना था कि देशभक्ति व्यक्ति का कर्तव्य नहीं बल्कि धर्म है। उन्होंने आजादी की लड़ाई में वीर क्रान्तिकारियों और देशभक्तों के वकील के रूप में न्यायालय में केस भी लड़ा। मालवीय जी मानते थे कि जीवन के सर्वांगीण विकास में शिक्षा की एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनका कहना था कि शिक्षा के द्वारा विद्यार्थियों की शारीरिक एवं मानसिकए शक्तियों का विकास होना चाहिए। विद्यार्थी सच्चाई और ईमानदारी से अपना जीवन निर्वाह कर सकें। उन्होंने बौद्धिक विकास के साथ-साथ चरित्र निर्माण भी जोर दिया। श्री मौय ने एक उद्धरण देते हुए कहा कि मालवीय ने कहा थ कि मुझे इत्र की गन्ध पसन्द नहींए मुझे शीलए चरित्रए धर्म और सबसे अधिक शिक्षा की सुगन्ध पसन्द है। आज पूरे समाज विशेषकर शिक्षक वर्ग को उनसे शिक्षा लेने की आवश्यकता है कि किस प्रकार हम अपने स्वभावए अपने आचरण से किसी के जीवन में परिवर्तन ला सकते हैं। यदि आज हम महामना मालवीय जी के आचरण को जीवन में अपना लें तो स्वयं के साथ समाज को भी सभ्य और सुन्दर बना सकते हैं। मुझे विश्वास है कि इस प्रकार के आयोजनों द्वारा महामना मालवीय जी की शिक्षाओं को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने में सफलता मिलेगी श्हरी विकास मंत्री श्री मदन कौशिक ने कहा कि महामना सेवा संस्थान निरन्तर समाज उत्थान के कार्य करता रहा है। आज जिन महानुभावों को संस्थान की ओर से सम्मानित किया गया है ये उनके प्रयासों का परिणाम होने के साथ साथ एक जिम्मेदारी भी है कि उन्हें आगे इसी प्रकार समाज की सेवा करनी है।तत्पश्चात राज्य्पाल महोदया ने आभा क्रिएशन द्वारा लगाईं गयी चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया व् श्री मति आभा मणिकतला व् ज्योति बत्रा की कला कृतियों की सराहना की। तदुपरांत राज्यपाल महोदया कनखल जगद्गुरु आश्रम पहुंची जहा उन्होंने शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।
(रजत चौहान) हरिद्वार। भारत रत्न पं0 मदन मोहन मालवीय जी की 157 वीं जयन्ती के अवसर पर महामना सेवा संसथान की ओर से आयोजित किया गया। उत्तराखण्ड की माननीय राज्यपाल श्रीमती बेबीे रानी मौर्य बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में पधारी, उनके साथ कैबिनेट मंत्री श्री मदन कौशिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे। दोनो ने पंडित मालवीय जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित किये। श्रीमती मौर्य ने महान शिक्षाविद्, समाज सेवक के जन्मदिवस के अवसर पर भारत में सबसे पहले अटल उत्तरखण्ड में राज्य में आयुष योजना शुरूआत होने पर सभी प्रदेशवासियसों को बधाई। सरकारी की इस महत्वकांक्षी सेवा से जरूरतमंद लाभान्वित होगा इसका विश्श्वास जताया। प्रति वर्ष की भाॅति इस वर्ष भी महामना सेवा संस्थान हरिद्वार की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में समाज को अपनी सेवाओं से लाभान्वित करने के लिए जेसी जैन, पण्डित शम्भूनाथ शर्मा, डाॅ ओपी वर्मा, ब्रिगेडियर रिटा, पीएस गुरंग, वैद्य दीपक कुमार, आर एस प्रधान, सचिन मित्तल आदि को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज भारत माता के एक और महान सपूत भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जयंति पर श्रद्धासुमन अर्पित किये। उन्होंने कहा कि पण्डित मदन मोहन मालवीय जी उन महान् विभूतियों में से एक हैंए जिन्होंने राष्ट्र. निर्माण में अमूल्य योगदान दिया है। मालवीय जी एक शिक्षाविद्ए सम्पादकए समाज.सुधारकए वकील और एक कुशल वक्ता के रूप में जाने जाते रहे हैं। उन्होंने वर्षों तक अभ्युदय समाचार पत्र का सम्पादन किया। मालवीय जी ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की। उन्होंने हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए घर.घर जाकर चन्दा मांगने में भी संकोच नहीं किया। मालवीय जी एक महान देशभक्त और समाज सुधारक थे। महात्मा गांधी उन्हें अपना बड़ा भाई कहते थे। उनका कहना था कि देशभक्ति व्यक्ति का कर्तव्य नहीं बल्कि धर्म है। उन्होंने आजादी की लड़ाई में वीर क्रान्तिकारियों और देशभक्तों के वकील के रूप में न्यायालय में केस भी लड़ा। मालवीय जी मानते थे कि जीवन के सर्वांगीण विकास में शिक्षा की एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनका कहना था कि शिक्षा के द्वारा विद्यार्थियों की शारीरिक एवं मानसिकए शक्तियों का विकास होना चाहिए। विद्यार्थी सच्चाई और ईमानदारी से अपना जीवन निर्वाह कर सकें। उन्होंने बौद्धिक विकास के साथ-साथ चरित्र निर्माण भी जोर दिया। श्री मौय ने एक उद्धरण देते हुए कहा कि मालवीय ने कहा थ कि मुझे इत्र की गन्ध पसन्द नहींए मुझे शीलए चरित्रए धर्म और सबसे अधिक शिक्षा की सुगन्ध पसन्द है। आज पूरे समाज विशेषकर शिक्षक वर्ग को उनसे शिक्षा लेने की आवश्यकता है कि किस प्रकार हम अपने स्वभावए अपने आचरण से किसी के जीवन में परिवर्तन ला सकते हैं। यदि आज हम महामना मालवीय जी के आचरण को जीवन में अपना लें तो स्वयं के साथ समाज को भी सभ्य और सुन्दर बना सकते हैं। मुझे विश्वास है कि इस प्रकार के आयोजनों द्वारा महामना मालवीय जी की शिक्षाओं को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने में सफलता मिलेगी श्हरी विकास मंत्री श्री मदन कौशिक ने कहा कि महामना सेवा संस्थान निरन्तर समाज उत्थान के कार्य करता रहा है। आज जिन महानुभावों को संस्थान की ओर से सम्मानित किया गया है ये उनके प्रयासों का परिणाम होने के साथ साथ एक जिम्मेदारी भी है कि उन्हें आगे इसी प्रकार समाज की सेवा करनी है।तत्पश्चात राज्य्पाल महोदया ने आभा क्रिएशन द्वारा लगाईं गयी चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया व् श्री मति आभा मणिकतला व् ज्योति बत्रा की कला कृतियों की सराहना की। तदुपरांत राज्यपाल महोदया कनखल जगद्गुरु आश्रम पहुंची जहा उन्होंने शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।



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