हरिद्वार की गूंज (24*7)
(शिवाकान्त पाठक) हरिद्वार। मानव जीवन को आयुर्वेद की महती आवश्यकता है हर असम्भव को भी सम्भव कर सकता है आयुर्वेद, फसीउज्जमा, करीब 30 वर्षो से जड़ी बूटियो द्वारा हर बीमारी का इलाज करने वाले फसीउज्जमा हकीम ने हरिद्वार की गूंज के पत्रकार शिवाकांत पाठक को बताया कि आयुर्वेद की मानव जीवन में बहुत आवश्यकता है क्यों प्रकृति से ही मानव जीवन की उत्पत्ति हुई है व प्राकृतिक संतुलन यदि शरीर में बिगड़ता है तो तमाम तरह की बीमारियों का फदय होने लगता है, उनका इलाज भी प्राकृतिक रूप से जड़ी बूटियो द्वारा जड़ से किया जा सकता है, देशी जड़ी बूटियो के इलाज में खासियत यह होती है कि फायदा ना होने पर नुकसान नहीं पहुचातीं हैं, उन्होने बताया कि प्रत्येक मौसम के बदलने पर शरीर में भी बदलाव की प्रक्रिया होती व हमें सतर्कता बरतना आवस्यक हो जाता है जैसे सर्दी में सदैव गुनगुना पानी पीना व ठण्डी चीजों से परहेज करना चाहिए, दही मट्ठा चावल आदि का प्रयोग कम करें, सर्दीली हवाओं से शरीर को सुरक्षित रखना चाहिए।
(शिवाकान्त पाठक) हरिद्वार। मानव जीवन को आयुर्वेद की महती आवश्यकता है हर असम्भव को भी सम्भव कर सकता है आयुर्वेद, फसीउज्जमा, करीब 30 वर्षो से जड़ी बूटियो द्वारा हर बीमारी का इलाज करने वाले फसीउज्जमा हकीम ने हरिद्वार की गूंज के पत्रकार शिवाकांत पाठक को बताया कि आयुर्वेद की मानव जीवन में बहुत आवश्यकता है क्यों प्रकृति से ही मानव जीवन की उत्पत्ति हुई है व प्राकृतिक संतुलन यदि शरीर में बिगड़ता है तो तमाम तरह की बीमारियों का फदय होने लगता है, उनका इलाज भी प्राकृतिक रूप से जड़ी बूटियो द्वारा जड़ से किया जा सकता है, देशी जड़ी बूटियो के इलाज में खासियत यह होती है कि फायदा ना होने पर नुकसान नहीं पहुचातीं हैं, उन्होने बताया कि प्रत्येक मौसम के बदलने पर शरीर में भी बदलाव की प्रक्रिया होती व हमें सतर्कता बरतना आवस्यक हो जाता है जैसे सर्दी में सदैव गुनगुना पानी पीना व ठण्डी चीजों से परहेज करना चाहिए, दही मट्ठा चावल आदि का प्रयोग कम करें, सर्दीली हवाओं से शरीर को सुरक्षित रखना चाहिए।



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