हरिद्वार की गूंज (24*7)
(शिवाकांत पाठक) हरिद्वार। शिवालिक गंगा बिहार नगर पालिका शिवालिक नगर स्थिति खसरा नम्बर 1360 की मालिक के अनुसार उनके प्लाट में गैर कानूनी ढंग से ऩिर्माण कार्य वर्ष 2014 में किया था जिसकी शिकायत चन्द्रावती राय ने एस०एस०पी, जिलाधिकारी व एस०डी०एम आदि आला अधिकारियों से कर न्याय की मांग भी की थी परन्तु जिसकी लाठी उसकी भैंस वाली कहावत चरितार्थ हुई, दवंग भूमाफियाँ ने वेरोकटोक निर्माण कर लिया, तब वादी चन्दावती ने सिविल कोर्ट की शरण ली न्यायालय ने घटना को गंम्भीरता पूर्वक लेते हुये भविष्य में दौराने मुकदमा निर्माण पर रोक लगा दी थी, पीड़िता को न्यायालय से काफी राहत महशूस हुई, लेकिन 2018 के नगर निकाय मतगणना के दिन दिनांक 20-11-2018 को मौका पाकर उपरोक्त आरोपी द्वारा मकान में छपाई का कार्य शुरू कर दिया गया, क्यों वादी चन्दावती बाहर रहतीं हैं शायद इस बात का पूर्ण लाभ आरोपी उठाते हुये अपनी मनमानी करता है, वादी के अनुसार स्थानीय पुलिस की भूमिका उपरोक्त अतिक्रमण कारी के पक्ष में है, शायद इसी लिये न्यायालय के निर्देशों की धज्जियां उक्त अतिक्रमण कारी बेखौफ उड़ा रही है, सावित्री ने फोन पर उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी है, वादसंख्या 23/2016 दिनांक 5/02/2016 को सिविल कोर्ट द्वारा निर्माण कार्य को रोकने का आदेश निर्गत किया गया था, फिलहाल वादी महिला को न्यायालय पर पूर्ण भरोसा है।
(शिवाकांत पाठक) हरिद्वार। शिवालिक गंगा बिहार नगर पालिका शिवालिक नगर स्थिति खसरा नम्बर 1360 की मालिक के अनुसार उनके प्लाट में गैर कानूनी ढंग से ऩिर्माण कार्य वर्ष 2014 में किया था जिसकी शिकायत चन्द्रावती राय ने एस०एस०पी, जिलाधिकारी व एस०डी०एम आदि आला अधिकारियों से कर न्याय की मांग भी की थी परन्तु जिसकी लाठी उसकी भैंस वाली कहावत चरितार्थ हुई, दवंग भूमाफियाँ ने वेरोकटोक निर्माण कर लिया, तब वादी चन्दावती ने सिविल कोर्ट की शरण ली न्यायालय ने घटना को गंम्भीरता पूर्वक लेते हुये भविष्य में दौराने मुकदमा निर्माण पर रोक लगा दी थी, पीड़िता को न्यायालय से काफी राहत महशूस हुई, लेकिन 2018 के नगर निकाय मतगणना के दिन दिनांक 20-11-2018 को मौका पाकर उपरोक्त आरोपी द्वारा मकान में छपाई का कार्य शुरू कर दिया गया, क्यों वादी चन्दावती बाहर रहतीं हैं शायद इस बात का पूर्ण लाभ आरोपी उठाते हुये अपनी मनमानी करता है, वादी के अनुसार स्थानीय पुलिस की भूमिका उपरोक्त अतिक्रमण कारी के पक्ष में है, शायद इसी लिये न्यायालय के निर्देशों की धज्जियां उक्त अतिक्रमण कारी बेखौफ उड़ा रही है, सावित्री ने फोन पर उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी है, वादसंख्या 23/2016 दिनांक 5/02/2016 को सिविल कोर्ट द्वारा निर्माण कार्य को रोकने का आदेश निर्गत किया गया था, फिलहाल वादी महिला को न्यायालय पर पूर्ण भरोसा है।



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