हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) लक्सर। हरिद्वार जिले में शहर से लेकर गांव गांव तक झोलाछाप डॉक्टरों की बाढ़ आई हुई है। हर गली मोहल्ले में देखा जा सकता है कि झोलाछाप डॉक्टर अपनी दुकाने सजाऐ बैठे हैं। झोलाछाप डॉक्टरों के गलत इलाज के कारण लोग मौत के शिकार हो जाते हैं या गंभीर बीमारी उनको जकड़ लेती है। विभागीय अधिकारियों की आंखों के सामने ही यह मौत का खेल खेला जा रहा है। लेकिन शासन - प्रशासन या विभागीय अधिकारी इस पर गंभीर रूप से विचार नहीं कर रहा है। प्रशासन की घोर लापरवाही से किसी ना किसी मासूम को अपनी जान गवानी पड़ रही है। वहीं झोलाछाप डॉक्टर के शिकार हुए लक्सर बहादुरपुर निवासी मोहम्मद याकूब ने बताया कि मेरे पूरे शरीर में दर्द हो रहा था। तो मैंने गांव के ही डॉक्टर सोनू के यहां खून की जांच कराई खून की जांच के बाद सोनू डॉक्टर ने मेरे हाथ पर ग्लूकोज की बोतल और इंजेक्शन लगा दिए। जिस कारण मेरे हाथ की नसे ब्लॉक हो गई और मेरा हाथ अब काम नहीं कर रहा है। उन्होंने बताया कि मैं 4 अक्टूबर को सोनू डॉक्टर की दुकान पर गया था। उस दिन से आज तक डॉक्टर साहब मुझे देखने के लिए तैयार नहीं हुए और ना ही मुझ गरीब से बात कर रहे हैं। जब इस हमले की जानकारी (हरिद्वार की गूंज) के संवाददाता फिरोज अहमद ने डॉक्टर सोनू से लेनी चाहि। तो उन्होंने कहा की पीड़ित याकूब के भाई से मैंने बात कर ली है। और मैं इस बारे में कोई बात नहीं करना चाहता हुं। ये कहते हुए उन्होंने कुछ भी जानकारी देने से इनकार कर दिया। डॉक्टर सोनू साहब की दुकान की देखा गय। तो दुकान पर कोई भी डिग्री बोर्ड नहीं लगा हुआ है। डॉक्टर साहब आए दिन गरीबों की जैबो और जिंदगी के साथ खेल रहा है।
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