हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) ऋषिकेश। उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद के द्वारा पौडी गढवाल के मुडगांव निवासी रमनदीप सिंह का नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए भेजा गया था, रमनदीप का नाम वीरता पुरस्कार के लिए चयनित होने मे समाज सेवी आरती गौड जी का बहुत बडा योगदान रहा, रमनदीप ने 6 वर्ष की आयु मे गुलदार के हमले मे बडी सूझबूझ और हिम्मत से अपनी जान बचाई थी, जिसके पश्चात आरती गौड जी ने मुख्यमंत्री महोदय से रमनदीप को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था, मुख्यमंत्री महोदय ने आरती गौड जी के अनुरोध पर वन विभाग को पीडित परिवार को हर सम्भव मदद देने के आदेश दिये थे, फिर आरती गौड जी ने रमनदीप को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार दिलाने के लिए मुख्यमंत्री महोदय और महामहिम राष्ट्रपति महोदय को पत्राचार किया था, आरती गौड जी की मेहनत से एक गरीब परिवार के बच्चे को राष्ट्रीय सम्मान मिलेगे इसके पीछे इस मातृ शक्ति का ही हाथ है।
(रजत चौहान) ऋषिकेश। उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद के द्वारा पौडी गढवाल के मुडगांव निवासी रमनदीप सिंह का नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए भेजा गया था, रमनदीप का नाम वीरता पुरस्कार के लिए चयनित होने मे समाज सेवी आरती गौड जी का बहुत बडा योगदान रहा, रमनदीप ने 6 वर्ष की आयु मे गुलदार के हमले मे बडी सूझबूझ और हिम्मत से अपनी जान बचाई थी, जिसके पश्चात आरती गौड जी ने मुख्यमंत्री महोदय से रमनदीप को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था, मुख्यमंत्री महोदय ने आरती गौड जी के अनुरोध पर वन विभाग को पीडित परिवार को हर सम्भव मदद देने के आदेश दिये थे, फिर आरती गौड जी ने रमनदीप को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार दिलाने के लिए मुख्यमंत्री महोदय और महामहिम राष्ट्रपति महोदय को पत्राचार किया था, आरती गौड जी की मेहनत से एक गरीब परिवार के बच्चे को राष्ट्रीय सम्मान मिलेगे इसके पीछे इस मातृ शक्ति का ही हाथ है।



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