(मौ. आरिफ) हरिद्वार। देश विदेश में अपनी अलग पहचान रखने वाले हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर गंदगी ही गंदगी तो है ही। रेलवे स्टेशन शराबियो का अड्डा भी बना हुआ है। स्टेशन पर जगह-जगह गंदगी तथा शराब के खाली पव्वे देखने को मिलेंगे। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई अभियान चला कर हर नागरिक स्वच्छता का संदेश दे रहे। वहीं सरकार के कर्मचारी ही स्वच्छता मिशन को पतीला लगाने मे लगे हैं। आपको बता दें कि धर्म नगरी हरिद्वार लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओ की आस्था का केंद्र है। आए दिन लाखों की संख्या में ट्रेन से सफर कर श्रद्धालु यहां आते हैं। श्रद्धालुओं का पहला पड़ाव रेलवे स्टेशन ही होता है। सफाई ठेकेदार और रेलवे स्टेशन अधिकारियों की घोर लापरवाही से श्रद्धालुओं की आस्था तथा आत्मा को ठेस पहुंचाई जा रही है। ठेकेदार दिन रात अलग-अलग शिफ्ट में सफाई कर्मचारियों के काम करने के ढोल तो पीटता है। लेकिन धरातल पर कुछ भी देखने को नहीं मिलता है। ठेकेदार सफाई के नाम पर ठेके लेकर सरकारी धन का दुरुपयोग कर धन को ठिकाने लगाने का काम कर रहा है। वही शराब के खाली पव्वे रेलवे स्टेशन पर मिलना। यह दर्शाता है। कि हरिद्वार रेलवे स्टेशन शराबियों का अड्डा बना हुआ है। अब सवाल यह उठता है कि GRP तथा RPF के जवान हर समय तेनात रहने के बाद भी रेलवे स्टेशन शराबियों का अड्डा क्यों बना हुआ है। क्यों अवैध शराब के कारोबारीयो पर रेलवे अधिकारी रेलवे स्टेशन परिसर मे शिकंजा कसने में नाकाम हो रहा है। जितने जिम्मेदार GRP, RPF के जवान तथा रेलवे स्टेशन के अधिकारी हैं। उतना ही जिम्मेदार रेलवे सफाई ठेकेदार भी है। आला अधिकारियों को उन अधिकारी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। जो अपने कर्तव्य अपने कार्य को ताक पर रखकर सरकारी सुविधा का फायदा तो उठाते हैं। लेकिन अवैध कार्यों में लिप्त व्यक्तियों पर शिकंजा कसने में नाकाम रहते हैं। यही नहीं उस ठेकेदार पर भी कार्यवाही होनी चाहिए। जो सफाई के नाम पर करोडो़ का कार्य तो ले लेता है। लेकिन सही तरीके से अपना कार्य नहीं करता है। जिससे हरिद्वार रेलवे स्टेशन समस्या मुक्त हो सके तथा हरिद्वार में आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था पर चोट न लगे।
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