हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मौ. आरिफ) हरिद्वार। करवाचौथ पर्व प्रेम, श्रद्धा, समर्पण और सच्चे पवित्र प्रेम के त्यौहार पर पति की सलामती और लंबी आयु के लिए सुहागिनों ने निर्जला व्रत रख, पूजा अर्चना कर अखंड सुहागन की कामना की। सुहागिनों ने रात्रि में छलनी से चंद्रमा और अपने चांद का दीदार करने के बाद उनके हाथों से पानी पीकर व्रत का पारण किया। करवाचौथ पर्व का व्रत सबसे खास नव दंपतियों के लिए होता है। यह पर्व उनके लिए सदैव यादगार भी रह जाता है। करवाचौथ व्रत पति और पत्नी दोनों एक दूसरे के प्रति अपार प्रेम एवं चेतना लेकर आता है। पति पत्नी के संबंधों में मधुरता से ही घर में लक्ष्मी का वास भी होता है इस वक्त में चंद्रमा को जल देने का भी महत्व है। चंद्रमा शीतलता देता है, शांति देता है। और शांति में ही आयोग्यता होती है। करवाचौथ के अवसर पर बाजारों में रौनक रही सुबह से ही बाजार गुलजार नजर आए और बाजारों में भारी भीड़ देखने को मिली। प्यार एवं समर्पण के इस त्यौहार पर दंपतियों ने बाजारों में उपहार की जमकर खरीदारी की। पति ने पत्नी की पसंद के उपहारों की खरीदारी कर पत्नी को भेट दी। नव दंपत्ति अपने पहले करवाचौथ पर्व को यादगार बनाने में लगे रहे।
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