हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मौ. आरिफ) हरिद्वार। हरिद्वार जिले में एक दशर्क पहले उद्योगिक विकास सिडकुल की स्थापना की गई थी। सिडकुल स्थापना के साथ साथ टिहरी स्थापित कॉलोनियो में खनन माफिया तथा भू माफियो का अहम रोल रहा है। शासन-प्रशासन की साए पर जहां भू माफियाओं ने क्षेत्रवासियों की धीरे धीरे करोड़ों की जमीने कोडियो के दामो में लेकर फ्लोटिंग का खेल खेलकर कई गुना मोटा मुनाफा कमाया। तो वहीं खनन माफिया भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने भी नदियों का सीना चीर दिन रात अवैध खनन कर अपनी तिजोरिया भरने का काम किया। और इसी क्रम में आज भी भू माफियाओं और खनन माफियाओं का खेल जारी है। आपको बता देगी कि बहादराबाद ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत हेत्तमपुर, आन्नेकी गांव को जोड़ने वाला पुल भू माफिया और खनन माफियाओं की भेंट चढ़ चुका है। पुल के नीचे से लगातार खनन से पुल बीच से धस गया था। जिसे विभागीय अधिकारियों ने पुल के नीचे पथरो की पैचिंग कर अपना कार्य पूर्ण होना दर्शा दिया है। पुल के क्षेत्र से रातों-रात ट्रैक्टर ट्रालीयो तथा बोगियों से अवैध खनन कर भू माफियाओं के प्लाटो का रेत, आरबीएम से पेट भरा जा रहा है। अब सवाल यह उठता है कि पुलिस की रात को गश्ती के बाद भी अवैध खनन का खेल कैसे खेला जा रहा है। क्या रात की गस्ती के नाम पर पुलिस के जवान सोते रहते हैं। या थाने की साये के नीचे अवैध खनन को अंजाम दिया जा रहा है। यह पुल कई गांव को जोड़ते हुए बिहारीगढ़ रुड़की सहारनपुर देहरादून शहरों को जोड़ता हैं। फुल से दिन रात सैकड़ों की संख्या में मुसाफिरों की आवाजही रहती है। वह दिन दूर नहीं जब खनन तथा प्रशासन की घोर लापरवाही से फुल से आवाजाही पूर्ण रूप से बंद हो जाएगी और सरकार के शहर से गांव को जोड़ने के दावे, दावे ही रह जाएंगे।
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