हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) लक्सर। किसान संघर्ष समिति पदधिकारियों ने प्रशासन की मनमानी व भ्रष्टाचार के खिलाफ ने रुड़की तिराहे से तहसील परिसर तक आंदोलन किया। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त नारे लगाते हुए तहसील परिसर में अपनी मांगों के लिय धरने पर बैठ गए। इस दौरान समिति अध्यक्ष चौधरी कीरत सिंह ने कहा कि अगर किसानों को खतौनी की जरूरत पड़ती है। तो किसान को 10 दिन तक तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि पटवारीयो को जब तक किसान पैसे नहीं देते। तब तक उन्हें खतौनी नहीं दी जाती है। उन्होंने पटवारी और कानूनों को अल्टीमेट देते हुए कहा कि अगर किसानों का उत्पीड़न करना बंद नहीं किया गया। तो तहसील परिसर से बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा। वहीं पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई पीड़ित अपनी समस्या को लेकर पुलिस के पास जाता है। तो उसके के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। उन्हें परेशान किया जाता है। डराया धमकाया जाता है। उन्होंने कहा कि कुछ पुलिसकर्मी तो ऐसे हैं। जो कहते कि गोरे अंग्रेज तो चले गए। और इन काले अंग्रेजों को छोड़ गए। पुलिस प्रशासन को अपना रवैया बदलना होगा। जिससे पीड़ित निडर होकर पुलिस से अपनी समस्या का समाधान करा सकें। उन्होंने पीडब्ल्यूडी विभाग पर भी उंगली उठाते हुए कहा कि सड़कों में बने गड्ढो से आए दिन मुसाफिरों के साथ दुर्घटना घट रही है। किसी मां बाप का इकलौता चिराग बुझ जाता हैं। तो किसी का सुहाग उजड़ जाता है। और कोई बच्चा अनाथ हो जाता है। उन्होंने कहा कि जब पीडब्ल्यूडी एक्शन से फोन पर संपर्क किया गया और सड़कों की दुर्दशा से अवगत कराने की कोशिश की गई। तो एक्शन यादव साहब शराब में टल्ली थे। एक्शन साहब ने ऑफिस टाइम में भी शराब पी रखी थी। उन्होंने ने कहा कि अब अधिकारियों का नशा उताने का समय आ गया है। ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को दफ्तर में घेर कर सख्त कार्यवाही करवाई जाएगी।। उन्होंने कहा कि गन्ना केंद्र हो, बैंक हो, प्राधिकरण हो, या डॉक्टर और या हो शिक्षा विभाग कहीं भी कोई भी सही सुविधा किसी को देखने को नहीं मिलेगी। हर विभाग में जनता के लिए तानाशाही का माहौल पनप रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने वादों को याद दिलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने जनता से वादे किये थे। कि सरकार बनने के बाद भारत देश को स्वर्ग बना दुुंगा। अच्छे दिन आएंगे, विदेशों से काला धन वापस आएगा। मैं प्रधानमंत्री जी से पूछना चाहता हूं। कि क्या अच्छे दिन आए हैं। विदेशों से काला धन आया है। कुछ नहीं। जनता से किए वादे सब झूूठे हैं। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को अल्टीमेट देते हुए कहा कि सरकार के पास अभी समय है। किसान और गरीब मजदूरों का ध्यान कर ले वरना वह दिन दूर नहीं जब यह जनता सत्ता से उखाड़ फेंकेे गी और तुम्हें सत्ता की कुर्सी कभी नसीब होगी। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार हो अगर जनता के हित में कार्य नहीं करेगी। तो किसान संघर्ष समिति सड़क पर उतर कर आंदोलन करेंगी और जनता को इंसाफ दिलाएगी। आंदोलनकारियों को सफल बनाने के लिए सुभाष गढ़ मखियाली कला, मखियाली खुर्द, जैनपुर, लादपुर, मलकपुर, बसेड़ी खादर, चिड़ियापुर, हरचंदपुर, मुबारिकपुर, बहादरपुर खादर, शेरपुर, मोहम्मदपुर बुजुर्ग, डोसनी, रजबपुर, कुआंखेड़ा, दाबकी और खेड़ी कला किसानों ने भाग लिया। जिसमें संदीप चौधरी, सोमेंद्र चौधरी, सिद्धार्थ चौधरी, अशोक कुमार, मोहित कुमार, भगत सिंह, मनोज कुमार विजेंदर सिंह सत्यजीत सिंह रजनीश कुमार देवेंद्र कुमार, संजय कुमार, ओर इलियास आदी हजारों की संख्या में आंदोलनकारी शामिल रहे।
(फिरोज अहमद) लक्सर। किसान संघर्ष समिति पदधिकारियों ने प्रशासन की मनमानी व भ्रष्टाचार के खिलाफ ने रुड़की तिराहे से तहसील परिसर तक आंदोलन किया। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त नारे लगाते हुए तहसील परिसर में अपनी मांगों के लिय धरने पर बैठ गए। इस दौरान समिति अध्यक्ष चौधरी कीरत सिंह ने कहा कि अगर किसानों को खतौनी की जरूरत पड़ती है। तो किसान को 10 दिन तक तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि पटवारीयो को जब तक किसान पैसे नहीं देते। तब तक उन्हें खतौनी नहीं दी जाती है। उन्होंने पटवारी और कानूनों को अल्टीमेट देते हुए कहा कि अगर किसानों का उत्पीड़न करना बंद नहीं किया गया। तो तहसील परिसर से बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा। वहीं पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई पीड़ित अपनी समस्या को लेकर पुलिस के पास जाता है। तो उसके के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। उन्हें परेशान किया जाता है। डराया धमकाया जाता है। उन्होंने कहा कि कुछ पुलिसकर्मी तो ऐसे हैं। जो कहते कि गोरे अंग्रेज तो चले गए। और इन काले अंग्रेजों को छोड़ गए। पुलिस प्रशासन को अपना रवैया बदलना होगा। जिससे पीड़ित निडर होकर पुलिस से अपनी समस्या का समाधान करा सकें। उन्होंने पीडब्ल्यूडी विभाग पर भी उंगली उठाते हुए कहा कि सड़कों में बने गड्ढो से आए दिन मुसाफिरों के साथ दुर्घटना घट रही है। किसी मां बाप का इकलौता चिराग बुझ जाता हैं। तो किसी का सुहाग उजड़ जाता है। और कोई बच्चा अनाथ हो जाता है। उन्होंने कहा कि जब पीडब्ल्यूडी एक्शन से फोन पर संपर्क किया गया और सड़कों की दुर्दशा से अवगत कराने की कोशिश की गई। तो एक्शन यादव साहब शराब में टल्ली थे। एक्शन साहब ने ऑफिस टाइम में भी शराब पी रखी थी। उन्होंने ने कहा कि अब अधिकारियों का नशा उताने का समय आ गया है। ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को दफ्तर में घेर कर सख्त कार्यवाही करवाई जाएगी।। उन्होंने कहा कि गन्ना केंद्र हो, बैंक हो, प्राधिकरण हो, या डॉक्टर और या हो शिक्षा विभाग कहीं भी कोई भी सही सुविधा किसी को देखने को नहीं मिलेगी। हर विभाग में जनता के लिए तानाशाही का माहौल पनप रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने वादों को याद दिलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने जनता से वादे किये थे। कि सरकार बनने के बाद भारत देश को स्वर्ग बना दुुंगा। अच्छे दिन आएंगे, विदेशों से काला धन वापस आएगा। मैं प्रधानमंत्री जी से पूछना चाहता हूं। कि क्या अच्छे दिन आए हैं। विदेशों से काला धन आया है। कुछ नहीं। जनता से किए वादे सब झूूठे हैं। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को अल्टीमेट देते हुए कहा कि सरकार के पास अभी समय है। किसान और गरीब मजदूरों का ध्यान कर ले वरना वह दिन दूर नहीं जब यह जनता सत्ता से उखाड़ फेंकेे गी और तुम्हें सत्ता की कुर्सी कभी नसीब होगी। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार हो अगर जनता के हित में कार्य नहीं करेगी। तो किसान संघर्ष समिति सड़क पर उतर कर आंदोलन करेंगी और जनता को इंसाफ दिलाएगी। आंदोलनकारियों को सफल बनाने के लिए सुभाष गढ़ मखियाली कला, मखियाली खुर्द, जैनपुर, लादपुर, मलकपुर, बसेड़ी खादर, चिड़ियापुर, हरचंदपुर, मुबारिकपुर, बहादरपुर खादर, शेरपुर, मोहम्मदपुर बुजुर्ग, डोसनी, रजबपुर, कुआंखेड़ा, दाबकी और खेड़ी कला किसानों ने भाग लिया। जिसमें संदीप चौधरी, सोमेंद्र चौधरी, सिद्धार्थ चौधरी, अशोक कुमार, मोहित कुमार, भगत सिंह, मनोज कुमार विजेंदर सिंह सत्यजीत सिंह रजनीश कुमार देवेंद्र कुमार, संजय कुमार, ओर इलियास आदी हजारों की संख्या में आंदोलनकारी शामिल रहे।



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