हरिद्वार की गूंज
(गगन शर्मा) हरिद्वार। क्यो न गर्व करे स्व0 लाल बहादुर शास्त्री जी पर उसके 2 किस्से मैं आपसे शेयर करना चाहूंगा। पहला: नेहरू जी ने एक बार शास्त्री को कश्मीर भेजना चाहा तो उन्होंने वहाँ जाने से मना कर दिया। बाद में जब उनके न जाने का कारण जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि " मैने सुना है कि कश्मीर में ठंड बहुत पड़ती है औऱ मेरे पास गर्म कोट नही है, दूसरा: प्रधानमंत्री बनने के बाद उनका बेटा नोकरी से घर आकर अपने पदोन्नति की मिठाई देकर बोला कि बाबूजी कम्पनी में आज मेरा पदोन्नति हुईं हैं, इस पर शास्त्री जी बोले कि प्रधानमंत्री मैं बना हूँ और कंपनी वाले पदोन्नति तुम्हारी कर रहे हैं। अपने मालिक से बोलो की मेरी पदोन्नति मेरी काबिलियत पर करो मेरे पिताजी के आधार पर नही। ऐसे थे हमारे पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 लाल बहादुर शास्त्री , कितने नेता आज उनसे ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा लेंगे? शायद मुश्किल ही कोई, तभी तो आज राजनीति को आम जनता गन्दा मानती है। जय जवान जय किसान।
(गगन शर्मा) हरिद्वार। क्यो न गर्व करे स्व0 लाल बहादुर शास्त्री जी पर उसके 2 किस्से मैं आपसे शेयर करना चाहूंगा। पहला: नेहरू जी ने एक बार शास्त्री को कश्मीर भेजना चाहा तो उन्होंने वहाँ जाने से मना कर दिया। बाद में जब उनके न जाने का कारण जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि " मैने सुना है कि कश्मीर में ठंड बहुत पड़ती है औऱ मेरे पास गर्म कोट नही है, दूसरा: प्रधानमंत्री बनने के बाद उनका बेटा नोकरी से घर आकर अपने पदोन्नति की मिठाई देकर बोला कि बाबूजी कम्पनी में आज मेरा पदोन्नति हुईं हैं, इस पर शास्त्री जी बोले कि प्रधानमंत्री मैं बना हूँ और कंपनी वाले पदोन्नति तुम्हारी कर रहे हैं। अपने मालिक से बोलो की मेरी पदोन्नति मेरी काबिलियत पर करो मेरे पिताजी के आधार पर नही। ऐसे थे हमारे पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 लाल बहादुर शास्त्री , कितने नेता आज उनसे ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा लेंगे? शायद मुश्किल ही कोई, तभी तो आज राजनीति को आम जनता गन्दा मानती है। जय जवान जय किसान।



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