हरिद्वार की गूंज
(रजत चौहान) हरिद्वार, अपने अमेरिका प्रवास से गायत्रीपरिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ. प्रणवपण्ड्या आज स्वदेश लौट आये, अपने प्रवास के दौरान डॉ. पण्ड्या नेलॉस ऐन्जिल्स सहित विभिन्न शहरोंके युवाओं का मार्गदर्शन किया, साथ ही उन्हें जीवन जीने की विविधकलाओं से अवगत कराया, डॉ. पण्ड्या ने कहा किलॉस ऐन्जिल्स में 1993 हुए अश्वमेधमहायज्ञ की रजत जयंती के वर्ष केअवसर पर यज्ञायोजन हुआ, इसमेंअमेरिका सैकड़ों की संख्या मेंप्रवासी भारतीयों के अलावाअमेरिकी युवाओं ने भागीदारी की, इस दौरान युवा भारतीय संस्कृति एवंसंस्कार परंपरा को बारिकी सेसमझा, अनेक युवाओं ने भारतीयवैदिक रीति को अपनाते हुए कईसंस्कार भी सम्पन्न कराये उन्होंनेकहा कि युवाओं को सही दिशा मिलजाये, तो वह हवा का रूख मोड़ने मेंसक्षम होंगे, शांतिकुंज व देवसंस्कृतिविश्वविद्यालय के संयुक्त तत्त्वावधानमें संचालित हो रहे युग सृजेताअभियान के तहत देश, विदेश केयुवाओं की दशा व दिशा देने के लिएविविध प्रशिक्षण का क्रम चलाया जारहा है प्रवासी भारतीय व अमेरिकीमूल के युवाओं ने इस दिशा मेंसार्थक पहल किया है डॉ. पण्ड्या नेकहा कि युवा किसी भी देश काभविष्य होते हैं और देश के भविष्यको उज्ज्वल बनाना है, तो युवा पीढ़ीका निर्माण करना आवश्यक ह श्रेष्ठऔर सच्चरित्र नागरिकों से ही देशआगे बढ़ता है उन्होंने कहा कि सन्1926 महर्षि श्री अरविन्द, वन्दनीयामाता भगवती देवी शर्मा व गायत्रीपरिवार के संस्थापक युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्यश्री द्वारा प्रज्वलित अखण्ड दीपक का शताब्दीवर्ष है। गायत्री परिवार ने वसंतपंचमी 2018 से 2026 तक के 9वर्षीय विशेष महापुरश्चरण साधनाका क्रम प्रारंभ किया है, इससे अधिकाधिक साधकों को जोड़ा जारहा है, प्रयास है कि देश, विदेश केशहर, शहर, स्थान, स्थान में सामूहिकसाधना का क्रम चले, उन्होंने कहाकि इस निमित्त लाखों गायत्री साधकविगत वसंत पंचमी से जुट गये हैं अब तक इसमें अच्छी सफलता मिलीहैउनके साथ ही देव संस्कृतिविश्वविद्यालय प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी स्वदेश लौटआये, 640 एकड़ जमीन में बनेंगे गायत्रीचेतना केन्द्र व गौशाला, अमेरिका निवासी महेशभाई भट्ट वकिरीटभाई के सहयोग से एसोमाइटपहाड़ियों के समीप करीब 640एकड़ जमीन गायत्री परिवार केविभिन्न कार्यक्रमों के संचालन केलिए मिली है यहाँ गायत्री चेतनाकेन्द्र की स्थापना की जायेगी, जिसका भूमिपूजन गायत्री परिवारप्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या जी एवं देवसंस्कृति विश्वविद्यालय केप्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या कीउपस्थिति में सम्पन्न हुआ, इसअवसर पर डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहाकि शांतिकुंज की तरह विभिन्नसाधनात्मक, रचनात्मक कार्यक्रमोंका प्रशिक्षण शिविर आयोजित कियेजायेंगे यहाँ एक गौशाला भी बनाइ जायेगी, इन सभी का निर्माण संबंधीरूपरेखा तैयार की जा रही है।



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