हरिद्वार की गूंज
(कुलदीप सिंह) हरिद्वार। हरिद्वार सावन मेला के अंतर्गत दूर दराज से आए हुए कावड़िए अब अपने घर की ओर गंगाजल लेकर रवाना होने लगे हैं। हालांकि इस साल कांवड़ियों की संख्या में कुछ खास इजाफा नहीं है। लेकिन 3 तारीख को पंचक समाप्त होने के बाद कांवड़ियों की भीड़ एकाएक बढ़ेगी। समय के साथ अब कांवड़ यात्रा में भी बदलाव होने लगा है। जो सावन का मेला 10 से 12 दिन चलता था वह अब अंतिम तीन या चार दिनों में होने लगा है। पैदल यात्रा की जगह अब डाक कावड़ ने ले ली है।
(कुलदीप सिंह) हरिद्वार। हरिद्वार सावन मेला के अंतर्गत दूर दराज से आए हुए कावड़िए अब अपने घर की ओर गंगाजल लेकर रवाना होने लगे हैं। हालांकि इस साल कांवड़ियों की संख्या में कुछ खास इजाफा नहीं है। लेकिन 3 तारीख को पंचक समाप्त होने के बाद कांवड़ियों की भीड़ एकाएक बढ़ेगी। समय के साथ अब कांवड़ यात्रा में भी बदलाव होने लगा है। जो सावन का मेला 10 से 12 दिन चलता था वह अब अंतिम तीन या चार दिनों में होने लगा है। पैदल यात्रा की जगह अब डाक कावड़ ने ले ली है।



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