हरिद्वार की गूंज
(फिरोज अहमद) लक्सर। लक्सर नीलधारा गंगा का बांध टूटने से कलसिया गांव में पहुंचा पानी गांव वालों ने अपना खाने-पीने का सामान मकानों पर रखना शुरू कर दिया है। क्योंकि ग्रामीणों का कहना है कि गांव के एक छोर पर पानी आ गया है। घंटे दाे घंटे में गांव में पानी घुस जाएगा। हमने इसलिए पहले ही सामान को मकान की छत पर रखना शुरू कर दिया है। खाने पीने की सामग्री अनाज चावल दाल नमक मिर्च आदि सामान को भी अपने मकानो के ऊपर रखा है। लोगों का कहना है कि पहले बाध के टूटने से इतना नुकसान नही हुआ था। जितना कि आज बांध टूटने से हमें  नुकसान हुआ है। सरकार द्वारा अगर पहले ही इस तरफ ध्यान दिया जाता तो आज इतना नुकशान ने होता। आज ये कलसिया गांव 30 पीछे हाे गया है। अब पानी के नुकसान से काेई नही राेक सकता। हमने अपना सामान मकान की छतों पर रखना शुरू कर दिया है। और अपने बच्चों को मकान की छतों पर बैठाना शुरू कर दिया। प्रधान मुकेश सैनी ने बताया कि अपने गाव की लड़कियों का रिश्ता दूसरे गांव में कर रहे हैं। तो अब हमारे रिश्ते टूटने भी शुरू हो गए हैं। और हमने भी अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं। क्योंकि अब हमारी फसल पूरी तरह से खत्म हो गई है। शादी में खर्चा करने के लिए पैसा कहां से आएगा। इसलिए हमने रिश्ते को वापस करने शुरू कर दिया।उन्होने बताया कि बांध बनने से पहले हमारे गांव में पानी नहीं आता था। आज बांध के बनने से हमारे खेतों में ढाल हो गया। इस ढाल की वजह से पानी अब  हमारे गांव की ओर आ रहा है। जब फसल ही नहीं रहेगी तो हम यहा रहकर क्या करेंगे क्या खाएंगे क्या पिएंगे। अपने बच्चों का लालन पोषण कहां से करेंगे  बैंकों से सभी किसानों ने ब्याज पर पैसा ले रखा है।और अब पैसा कहां से आयेगा। आैर हम क्या  जायगे अब हम लोगों के सामने टोटा टोटा नजर आ रहा है। कल बैंक वाले भी अपना पैसा वापस लेने के लिए किसानों पर शिकंजा कशेगे। जब फसल ही नहीं रहेगी तो बैक का कर्ज कहां से दिया जाएगा। इसलिए आज हम भारी नुकसान में है। उधर ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन को फोन करके अवगत करा दिया कि पानी बांध टूट कर गांव की और पानी आ रहा है।सुचना पाते ही तहसीलदार लक्सर और गोताखोर पुलिस मौके पर पहुंच गई है। ताकि कोई घटना न घट जाये। समाचार लिखे जाने तक अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे।
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