हरिद्वार की गूंज
(रजत चौहान) हरिद्वार, देव संस्कृति विश्वविद्यालय मेंउन्नयन-2018 को उत्साहपूर्वकमनाया गया। इसके माध्यम सेसीनियर विद्यार्थियों द्वारा नवांगुतकछात्र, छात्राओं का स्वागत एवं विविकी परिकल्पना से अवगत करानाथा। उन्नयन-2018 की थीम ‘सहगमन सबका साथ-साथ’था।
इस अवसर परविद्यार्थियों को संबोधित करते हुएकुलाधिपति श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्याने कहा कि उन्नयन जीवन में उत्साहएवं जोश के साथ कुछ कर गुजरनेकी प्रेरणा देता है। यह हर वर्ग, उम्रके लोगों को विचारों तथा कर्मों सेयुवा बने रहने की शिक्षा देता है।उन्होंने कहा कि आज सभीविश्वविद्यालय में उन्नयन जैसेकार्यक्रम की जरूरत है जिससेजूनियर एवं सीनियर विद्यार्थियों कामतभेद खत्म हो तथा आपस में प्यारबढ़े और सब मिलकर विश्वविद्यालयकी गौरव गरिमा को आगे बढ़ाने केलिए निरंतर प्रयासरत रहें। उन्होंनेकहा कि यह विश्वविद्यालय हम सबकी माँ समान है, इसकी प्रतिष्ठाबनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है।अंत में उन्होंने सफल कार्यक्रम केलिए विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्यकी शुभकामनाएं दी।
इससे पूर्व पत्रकारिताविभाग के विद्यार्थियों ने नये व पुरानेछात्र-छात्राओं के अनुभवों को एकलघु फिल्म दिखाई गयी, जो सभी नेखूब सराहा एवं विवि के उद्देश्य कोजाना। दैनिक प्रयोग में आने वालीवस्तुओं द्वारा मनमोहक संगीत कीप्रस्तुति छात्रों ने दी। पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत योग, समूहनृत्य, मूक अभिनय तथा लघु नाटिकाने खूब तालियाँ बटोरी, तो वहींदेवभूमि उत्तराखंड की गढ़वाली नृत्यने सबका मन मोह लिया। इसअवसर पर भारतीय संस्कृति सेपरिचित कराते हुए विभिन्न कार्यक्रमप्रस्तुत किये गये, जो विद्यार्थियों केमनोरंजन के साथ-साथ प्रेरणा देनेवाला रहा। उल्लेखनीय है किउन्नयन-2018 की तैयारी से लेकरसम्पूर्ण कार्य विद्यार्थियों ने ही सम्पन्नकराया।
इस अवसर पर देसंविविके कुलपति श्री शरद पारधी, प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या, कुलसचिव श्री संदीप कुमार, श्रीमतीशैफाली पण्ड्या समेत विश्वविद्यालयके सभी संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवंशांतिकुंज के अन्तेवासी कार्यकर्तामौजूद रहे।



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