हरिद्वार की गूंज
(विभास सिन्हा) हरिद्वार। कांवड़ यात्रा में शिव भक्त कांवड़िए भगवान शिव के वेश में आते है और गंगा जल लेकर भगवान शिव के वेश में ही नृत्य करते हुए लोगो का मनोरंजन करते हुए जाते है, परंतु कुछ लोग मनोरंजन की आड़ में कानून का उल्लंघन भी करते हैं। ऐसा ही कुछ हरिद्वार में देखने में आया है, जहां कांवड़ियों के एक ग्रुप में शिव बने कलाकार ने अपने गले में जिंदा अजगर रखा हुआ है और अपने हांथों में भी जिंदा सांप लिए हुए है। आपको बता दें इस तरह से प्रतिबंधित वन्य जीव साथ रखना या किसी व्यक्ति के पास इनका जिंदा पाया जाना इनके शिकार की श्रेणी में आता है वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अन्तर्गत यह गैरकानूनी अपराध है और इसका उल्लंघन करने पर 3 से 7 साल की सजा और 10 से 25 हजार के
जुर्माने का प्रावधान है।
सांपो को साथ रखना गैरकानूनी तो है ही यह बेहद खतरनाक भी हो सकता है। इस तरह सांपो को साथ ले जाने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। आपसे अनुरोध है कि इस तरह के कृत्यों से बचें व दूसरों को भी जागरूक करें।
(विभास सिन्हा) हरिद्वार। कांवड़ यात्रा में शिव भक्त कांवड़िए भगवान शिव के वेश में आते है और गंगा जल लेकर भगवान शिव के वेश में ही नृत्य करते हुए लोगो का मनोरंजन करते हुए जाते है, परंतु कुछ लोग मनोरंजन की आड़ में कानून का उल्लंघन भी करते हैं। ऐसा ही कुछ हरिद्वार में देखने में आया है, जहां कांवड़ियों के एक ग्रुप में शिव बने कलाकार ने अपने गले में जिंदा अजगर रखा हुआ है और अपने हांथों में भी जिंदा सांप लिए हुए है। आपको बता दें इस तरह से प्रतिबंधित वन्य जीव साथ रखना या किसी व्यक्ति के पास इनका जिंदा पाया जाना इनके शिकार की श्रेणी में आता है वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अन्तर्गत यह गैरकानूनी अपराध है और इसका उल्लंघन करने पर 3 से 7 साल की सजा और 10 से 25 हजार के
जुर्माने का प्रावधान है।
सांपो को साथ रखना गैरकानूनी तो है ही यह बेहद खतरनाक भी हो सकता है। इस तरह सांपो को साथ ले जाने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। आपसे अनुरोध है कि इस तरह के कृत्यों से बचें व दूसरों को भी जागरूक करें।



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