हरिद्वार की गूंज
(रजत चौहान) श्रीनगर। महिला थाना श्रीनगर में एस.आई कृपाल सिंह जी जब महिला थाने जा रहे थे तो उन्होंने एक बुढ़िया को सड़क किनारे सब्जी भेजते देखा तो उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवा दी और उनसे सारी सब्जी खरीद ली उनके साथ दो सिपाही भी थे उस बुढ़िया को सारी सब्जी बेच कर दवाई लेनी थी, और यह सब्जी पता नही कब तक बिकती और कब दवाई ली जाती पर महिला थाने श्रीनगर में एस.आई कृपाल सिंह जी ने पुलिस विभाग मे एक मिसाल पेश की है, कृपाल सिंह जी पहले चिल्ला चौकी प्रभारी रह चुके है, और कृपाल सिंह जी जैसे दयालू व्यक्ति समाज मे बहुत कम है, जो लोगो के दुख को अपना दुख समझते है, जिस प्रकार से सब्जी बेचने वाली महिला दवाई खरीदने के लिए मेहनत करके सब्जी बेच रही थी, और बीमार थी, ऐसे ही पता नही कितने बूढे लोग इस प्रकार के कार्य कर रहे है, सभी को कुछ ना मजबूरी से जूझना पड रहा है, सभी लोगो को कृपाल सिंह जी की तरह दयालूता और सहानुभूति ऐसे मजबूर लोगो के लिए रखनी चाहिए।
(रजत चौहान) श्रीनगर। महिला थाना श्रीनगर में एस.आई कृपाल सिंह जी जब महिला थाने जा रहे थे तो उन्होंने एक बुढ़िया को सड़क किनारे सब्जी भेजते देखा तो उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवा दी और उनसे सारी सब्जी खरीद ली उनके साथ दो सिपाही भी थे उस बुढ़िया को सारी सब्जी बेच कर दवाई लेनी थी, और यह सब्जी पता नही कब तक बिकती और कब दवाई ली जाती पर महिला थाने श्रीनगर में एस.आई कृपाल सिंह जी ने पुलिस विभाग मे एक मिसाल पेश की है, कृपाल सिंह जी पहले चिल्ला चौकी प्रभारी रह चुके है, और कृपाल सिंह जी जैसे दयालू व्यक्ति समाज मे बहुत कम है, जो लोगो के दुख को अपना दुख समझते है, जिस प्रकार से सब्जी बेचने वाली महिला दवाई खरीदने के लिए मेहनत करके सब्जी बेच रही थी, और बीमार थी, ऐसे ही पता नही कितने बूढे लोग इस प्रकार के कार्य कर रहे है, सभी को कुछ ना मजबूरी से जूझना पड रहा है, सभी लोगो को कृपाल सिंह जी की तरह दयालूता और सहानुभूति ऐसे मजबूर लोगो के लिए रखनी चाहिए।



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