हरिद्वार की गूंज
(गगन शर्मा-उत्तराखंड प्रभारी) हरिद्वार। प्रयास तारीफे काबिल, मगर अपर्याप्त। इसे "दीवार में हथौड़ी की जगह थप्पड़ से कील का ठोकना कहेंगे" जिस गति से सड़कों पर प्रति वर्ष वाहन बढ़ रहे है, उसे देखते हुए निम्न बिन्दुओ पर ध्यान देना होगा नितिन गडकरी जी को।यातायात के नियमो का उलंघन करने पर चालान कटे मगर हद से हद या 3 बार। उसके बाद कम से कम 5 साल के लिये लाइसेंस रद्द नही करेंगे तो देश की पुलिस की यातायात से जद्दोजहद जारी रहेगी। दुर्घटनाओं पर अंकुश नही लग पायेगा। किसी भी उद्देश्य में सफलता के लिये उसके प्रति ढुलमूल रवैया त्यागना होता है। जैसे IAS/IPS अफसर बनने के लिये उद्देश्य के प्रति बेहद गम्भीर होकर ही बन सकते हूं। सऊदी अरब / चीन से सीखो कानून का पालन करना क्या होता है? हमारे देश में कानून ढुलमुल होने के कारण प्रतिदिन सैकड़ो अपराध और दुर्घटना होती है।
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