हरिद्वार की गूंज



(गगन शर्मा-उत्तराखंड प्रभारी) हरिद्वार। जी हाँ, विश्व प्रशिद्ध धर्म नगरी हरिद्वार जहाँ अनेको पूंजीपति धर्म शालाए आश्रम और अखाड़ो के होते हुए भी बुजुर्ग महिला और पुरूष भूख व गरीबी से जूझते हुए रेलवे स्टेशन पर अपना समय गुजारते है। कहाँ तो नर में ही नारायणः का वास बताया जाता है, मगर उसके बावजूद धन सम्पन्न होने के बावजूद भी हरिद्वार के अखाड़ो और महामंडलेश्वर को इन गरीबो की सुध लेने की जरूरत नही पड़ती। क्या वास्तव में इंसान के पास दान का अत्यधिक पैसा होने पर या बड़ा आदमी बनने पर मानवता भी खो देता है? यदि हरिद्वार के अखाड़े,मन्दिर,धर्मशालाए और महामंडलेश्वर तय कर ले कि हरिद्वार में किसी गरीब को खाने की रहने की और भीख मांगने की जरूरत नही पड़ेगी तो अपना हरिद्वार नम्बर 1 बन जाय।
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